SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

राजस्थान पंचायत चुनाव पर नहीं लगेगी रोक: हाईकोर्ट ने दिए सख्त आदेश, सरकार को नोटिस जारी

राजस्थान हाईकोर्ट ने बालोतरा की माजीवाला ग्राम पंचायत में आरक्षण को चुनौती देने वाली अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने से इनकार करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की.

Written By Zee Rajasthan Web Team
Published: Oct 18, 2026, 07:36 AM IST | Updated: Oct 18, 2026, 07:41 AM IST
Image Credit: राजस्थान हाईकोर्ट.
Join

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान आरक्षण व्यवस्था को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है. राजस्थान हाईकोर्ट ने बालोतरा जिले की माजीवाला ग्राम पंचायत के वार्डों और सरपंच पद के आरक्षण को चुनौती देने वाली अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है. हालांकि, अदालत ने फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी.

मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने यह आदेश दिया. कोर्ट ने अंतरिम राहत की मांग खारिज करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. फिलहाल आरक्षण व्यवस्था और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जारी रहेगी.

आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप
मामले के अनुसार, माजीवाला ग्राम पंचायत निवासी कांतिलाल ने आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता का दावा था कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित वर्ग के केवल 14 मतदाता होने के बावजूद आरक्षण लागू कर दिया गया. उन्होंने आरक्षण के लिए बताई गई आबादी को भी फर्जी बताते हुए 24 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी.

इससे पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 9 अक्टूबर को याचिका खारिज कर दी थी. एकलपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 243-O का हवाला देते हुए कहा था कि चुनाव प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप पर संवैधानिक रोक है.

अपील में क्या दी गई दलील?
एकलपीठ के फैसले के खिलाफ दायर अपील में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि 3 अक्टूबर को केवल चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया था. राजस्थान पंचायत राज निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 23 के तहत चुनाव अधिसूचना जारी नहीं हुई थी. ऐसे में याचिका को सुनवाई योग्य नहीं मानकर खारिज करना उचित नहीं था. याचिकाकर्ता ने आरक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की.

राज्य सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अपील का विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 3 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सरकार के अनुसार, आरक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के मुताबिक पूरी की गई है. इस चरण में न्यायिक हस्तक्षेप से चुनाव प्रभावित हो सकते हैं.

चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार
खंडपीठ ने कहा कि राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इसे 17 नवंबर तक पूरा किया जाना है. सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव नजदीक होने पर ऐसे आदेशों से बचना चाहिए, जिनसे चुनाव प्रक्रिया बाधित हो, उसमें देरी आए या चुनाव स्थगित करने की स्थिति बने.

मामले में याचिका की सुनवाई योग्यता से जुड़े कानूनी सवालों को देखते हुए खंडपीठ ने अपील स्वीकार कर ली. राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद तय की गई है. फिलहाल अदालत ने चुनाव या आरक्षण पर कोई रोक नहीं लगाई है.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

ZEENEWS TRENDING STORIES