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Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान में निकाय चुनावों में जीत के बाद अब बीजेपी ने पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है. पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन बीजेपी ने गांव और ढाणी तक संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. सेवा संकल्प अभियान के जरिए बीजेपी प्रदेशभर में अलग-अलग कार्यक्रम कर लोगों तक पहुंच बना रही है. वहीं पार्टी की नजर पंचायत चुनावों में निकाय चुनावों के प्रदर्शन को दोहराने पर है.
पंचायत चुनावों पर बीजेपी का पूरा फोकस
निकाय चुनावों के बाद अब बीजेपी का पूरा फोकस पंचायत चुनावों पर नजर आ रहा है. पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान भले ही अभी नहीं हुआ हो, लेकिन बीजेपी ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं. गांव और ढाणी तक संगठन को मजबूत करने के साथ ही बीजेपी अब ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी गई है.
गांव-गांव तक पहुंच रहा सेवा संकल्प अभियान
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर बीजेपी की ओर से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को भी गांव-गांव तक पहुंचने के लिए एक माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. सेवा संकल्प के जरिए बीजेपी युवाओं, महिलाओं और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की कवायद कर रही है.
प्रदेशभर में सेवा संकल्प के तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ता सीधे लोगों के बीच पहुंच रहे हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम किया जा रहा है. निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद बीजेपी अब पंचायत चुनावों में भी पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है. पार्टी ने पंचायत चुनावों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं. निकाय चुनावों की तर्ज पर पंचायत चुनावों के लिए भी प्रचार रथों को मैदान में उतारा गया है.
जल्द ही जिलों का दौरा करेंगे नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी
वहीं बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी भी जल्द ही अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे. इन दौरों के जरिए संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया जाएगा. यानी पंचायत चुनावों की तारीखों के ऐलान से पहले ही बीजेपी गांवों तक अपनी पहुंच मजबूत करने में जुट गई है. सेवा संकल्प के जरिए जहां अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाई जा रही है. वहीं संगठन के जरिए ग्रामीण इलाकों में पार्टी को और मजबूत करने की कवायद जारी है.
निकाय चुनावों के बाद अब बीजेपी की नजर पंचायत चुनावों पर है और पार्टी गांवों में संगठन को सक्रिय कर चुनावी जमीन तैयार करने में जुटी है. निकाय चुनावों के बाद बीजेपी ने पंचायत चुनावों के लिए संगठन को एक्टिव कर दिया है. अब देखना होगा कि गांव और ढाणी तक संगठन को मजबूत करने की बीजेपी की ये कवायद पंचायत चुनावों में कितना असर दिखाती है.