राजस्थान पंचायत चुनाव: 99 साल की दादी से लेकर Gen-Z तक, वोटिंग में दिखा गजब का उत्साह
राजस्थान पंचायत चुनाव में बुजुर्गों से लेकर Gen-Z तक मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. डूंगरपुर, बीकानेर, झालावाड़, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में लोग लंबी कतारों में लगकर मतदान करने पहुंचे. 99 साल की जिया देवी और दिव्यांग मतदाताओं ने भी वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जहां बुजुर्गों के जज्बे से लेकर युवाओं के जोश तक हर रंग नजर आया. कहीं 99 साल की उम्र में बुजुर्ग महिला मतदान करने पहुंचीं, तो कहीं Gen-Z ने परिवार के साथ वोट डालकर अपनी भागीदारी निभाई. प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मतदाताओं का उत्साह देखने लायक रहा. उम्र, दिव्यांगता और तमाम चुनौतियों को पीछे छोड़कर लोगों ने गांव की सरकार चुनने के लिए बढ़-चढ़कर मतदान किया.
डूंगरपुर में 91 और 92 साल की उम्र में भी मतदान का उत्साह
डूंगरपुर में पंचायती राज चुनाव 2026 के तहत सरपंच और वार्ड पंच के मतदान को लेकर बुजुर्ग मतदाताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला. डेचा मतदान केंद्र पर 92 वर्षीय मीरा ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. वहीं, 91 वर्षीय लीला पाटीदार अपने बेटे के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं और वोट डाला. उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान के प्रति उनका उत्साह लोकतंत्र में आस्था और जागरूकता का संदेश देता नजर आया.
बीकानेर में 99 साल की उम्र में जिया देवी ने किया मतदान
पंचायती राज चुनाव के दौरान बीकानेर के रायसर में लोकतंत्र के प्रति बुजुर्ग मतदाता का उत्साह देखने को मिला. यहां 99 वर्षीय जिया देवी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रायसर स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. वोटर आईडी के अनुसार जिया देवी का जन्म वर्ष 1927 में हुआ था. वह अपने पोते रामदेव और शिवलाल के साथ मतदान करने पहुंचीं. वोट डालने के बाद उन्होंने उंगली पर लगी स्याही दिखाकर लोगों को मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया. जिया देवी ने कहा कि वोट से ही हमारे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी. 99 वर्ष की उम्र में उनका मतदान करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा.
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महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ बुजुर्गों की भागीदारी
झालावाड़ जिले में पंचायत राज चुनाव के प्रथम चरण में पंचायत समिति डग, भवानीमंडी, अकलेरा और मनोहरथाना क्षेत्र की 128 ग्राम पंचायतों में आज सरपंच और पंच चुने जाने हेतु मतदान जारी है. ऐसे में मतदान केंद्रों पर अल सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई नजर आई. गांव की सरकार चुनने के लिए महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित बुजुर्गों में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है. इसके साथ ही दिव्यांगजन भी मतदान करने बूथों पर पहुंच रहे है. सरपंची के प्रत्याशी भी मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए प्रयास किए और अपने-अपने वाहनों से मतदाताओं को लाकर वोटिंग करवाई.
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प्रथम चरण में 128 ग्राम पंचायत में हो रहे चुनाव में 747 सरपंच प्रत्याशी मैदान में है. सभी प्रत्याशी भी अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे. मतदान करने पहुंच रहे वोटर्स ने बताया कि वह ऐसे उम्मीदवार को चुनना पसंद करेंगे, जिसकी छवि स्वच्छ और ईमानदार हो और सरपंच चुने जाने के बाद ग्राम पंचायत क्षेत्र का संपूर्ण विकास करें. ग्रामीण मतदाता मनरेगा रोजगार और गांव की मूलभूत सुविधाओं को पाने की उम्मीद रखता है. ऐसे में काबिल उम्मीदवार को ही सरपंच पद पर देखना चाहते हैं.
अजमेर में युवा मतदाता अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे मतदान केंद्र
अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति के केसरपुरा ग्राम स्थित मतदान केंद्र पर पंचायती राज चुनाव के दौरान युवा पीढ़ी में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला. युवा मतदाता अपने पूरे परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया. परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे युवाओं ने लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभाने का संदेश दिया. पंचायत चुनाव में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण लोकतंत्र के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाती नजर आई.
कठूमर में महिलाओं और युवाओं में दिखा खासा उत्साह
अलवर के कठूमर विधानसभा क्षेत्र की कठूमर और नवगठित सौखर-खेड़ली पंचायत समिति में गांव की सरकार चुनने के लिए सरपंच और वार्ड पंच पदों पर मतदान जारी है. मतदान को लेकर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. कठूमर पंचायत समिति की 50 और सौखर-खेड़ली पंचायत समिति की 24 ग्राम पंचायतों में मतदान करवाया गया. शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए. पुलिस की ओर से गांव-गांव पैदल मार्च कर मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान करने का संदेश दिया गया. संवेदनशील मतदान केंद्रों पर हथियारबंद पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई.