Jaipur Nikay Chunav :146 नतीजों में हर तीसरी विजेता महिला, BJP की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय जीतीं
Rajasthan Nikay Chunav : जयपुर की नई शहर सरकार में इस बार सिर्फ चेहरे नहीं बदले. आधी आबादी की पूरी नई फौज सदन में उतर रही है. अब तक जीतीं 50 महिलाओं में 47 पहली बार पार्षद बनी हैं.यानी महिला चेहरों में 94 फीसदी फ्रेश एंट्री.
Jaipur : हर तीसरा विजेता महिला है और खास बात ये कि महिला आरक्षण की सीमा भी टूटी है. अनारक्षित वार्ड-47 से दीपा नाथावत ने जीत दर्ज की. भाजपा की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय महिलाएं निगम पहुंच चुकी हैं और री-पोल के बाद ये आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. यानी इस बार निगम में आधी आबादी सिर्फ हिस्सेदार नहीं. नई शहर सरकार का नया चेहरा भी है.
जयपुर की नई शहरी सरकार में आधी आबादी सिर्फ आरक्षण के सहारे नहीं, बल्कि नए चेहरों की बड़ी फौज के साथ निगम पहुंची है. अब तक घोषित 146 वार्डों के नतीजों में 50 महिलाएं पार्षद चुनी गई हैं. खास बात ये है कि इनमें 47 यानी 94% महिलाएं पहली बार पार्षद बनी हैं. सिर्फ तीन महिला विजेता ऐसी हैं, जो पहले भी पार्षद रह चुकी हैं.146 घोषित नतीजों में 50 महिला और 96 पुरुष विजेता हैं. यानी फिलहाल निगम में चुने गए पार्षदों में 34.2% महिलाएं हैं; आसान भाषा में कहें तो घोषित नतीजों में हर तीसरा पार्षद महिला है. महिला विजेताओं में भाजपा सबसे आगे है। भाजपा की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय महिलाएं चुनाव जीतकर निगम पहुंची हैं. महिला प्रतिनिधित्व की सबसे दिलचस्प तस्वीर वार्ड-47 से सामने आई. यह सीट महिला आरक्षित नहीं थी, इसके बावजूद भाजपा ने दीपा नाथावत को मैदान में उतारा और उन्होंने जीत दर्ज की. दीपा ने कांग्रेस के दामोदर मीणा को 206 वोट से हराया.
जयपुर की नई शहर सरकार में महिलाओं की संख्या से ज्यादा दिलचस्प उनकी प्रोफाइल है. अब तक जीतीं 50 महिलाओं में 47 पहली बार पार्षद बनी हैं. सिर्फ वार्ड-73 की जयश्री अग्रवाल, वार्ड-86 की तारा देवी बेनीवाल और वार्ड-118 की सुनीता मावर पहले पार्षद रह चुकी हैं. यानी महिला पार्षदों में 94% नए चेहरे हैं और सिर्फ 6% के पास पहले पार्षद रहने का अनुभव है. इस लिहाज से नगर निगम में महिला प्रतिनिधित्व के साथ ही नेतृत्व की एक नई कतार भी तैयार हुई है.महिला विजेताओं को मिले वोटों का विश्लेषण करें तो वार्ड-117 से कांग्रेस की संजीदा बेगम 9,749 वोट लेकर सबसे आगे हैं. उनके बाद वार्ड-116 की कांग्रेस प्रत्याशी संजीदा को 9,046, वार्ड-126 की कांग्रेस की सोफिया बानो को 8,719, वार्ड-26 की निर्दलीय सुशीला को 7,944 और वार्ड-149 की भाजपा की सीनु पारीक को 7,920 वोट मिले.
महिला पार्षदों में BJP का हिस्सा करीब आधा
पार्टीवार देखें तो 50 महिला विजेताओं में 24 भाजपा की हैं. यानी अब तक चुनी गई कुल महिला पार्षदों में करीब 48% अकेले भाजपा से हैं. कांग्रेस की 19 महिला पार्षदों की हिस्सेदारी 38% है, जबकि 7 निर्दलीय महिला विजेता 14% हिस्सेदारी रखती हैं. महिला प्रतिनिधित्व की अंतिम तस्वीर अभी बाकी है. चार वार्डों के पांच बूथों पर पुनर्मतदान होना है. इनमें तीन वार्डों में महिला प्रत्याशी दावेदारी में हैं. वार्ड-9 और वार्ड-25 महिला आरक्षित हैं, जबकि वार्ड-18 अनारक्षित होने के बावजूद कांग्रेस ने वंदिता शर्मा को प्रत्याशी बनाया है. वार्ड-34 का परिणाम भी पुनर्मतदान के बाद सामने आएगा. ऐसे में फिलहाल महिला पार्षदों की संख्या 50 पर है. लेकिन बाकी चार नतीजे आने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है.
बहरहाल, महिला नतीजों की सबसे बड़ी कहानी 50 का आंकड़ा नहीं, बल्कि 47 नए चेहरों की एंट्री है. यानी नई शहर सरकार में महिला पार्षदों का लगभग पूरा चेहरा बदल गया है. इनमें युवा चेहरे भी हैं, पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी महिलाएं भी और अनारक्षित सीट से जीतकर आई दीपा नाथावत भी. बाकी चार वार्डों का फैसला होने के बाद तय होगा कि जयपुर की नई शहर सरकार में ‘महिला पावर’ का अंतिम आंकड़ा कहां जाकर रुकता है.