SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

निकाय चुनाव में कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक ! क्या 30-35 साल के नए चेहरों पर दांव लगाएगी पार्टी ?

Rajasthan Politics : कांग्रेस ने जुलाई में ही निकाय और पंचायती राज चुनावों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 50 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को 50 फीसदी टिकट देने का ऐलान किया था पर क्या ऐसा करना आसान होगा ?

Written By Pragati Pant Awasthi
Published: Aug 27, 2026, 03:59 PM IST | Updated: Aug 29, 2026, 05:01 PM IST
Join

Rajasthan Politics : राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने अपना फोकस साफ तौर पर युवा उम्मीदवारों और युवा वोटर्स की तरफ रखा है. 309 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव में कुल 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें बड़ी संख्या युवा मतदाताओं की है. यही वजह कि कांग्रेस उम्मीदवार चयन से लेकर चुनावी नैरेटिव तक में युवा चेहरे और युवा मुद्दों को केंद्र में रखने की तैयारी कर रही है. राज्य में नगरीय निकाय चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में होंगे और मतगणना 14 सितंबर को होगी. कुल 10,245 वार्डों में चुनाव होना है. 1.44 करोड़ वोटर्स में 40 फीसदी से ज्यादा 35 साल तक के हैं.

यानी 18 से 35 साल के कुल 57,90,254 मतदाता हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 40.2% हैं. इसके अलावा 36 से 50 वर्ष की उम्र के 29 फीसदी मतदाताओं को जोड़ें, तो 50 वर्ष तक की उम्र के करीब 69 फीसदी मतदाता इस चुनाव में मतदान करेंगे.यही आंकड़ा कांग्रेस की युवा रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है.

 

कांग्रेस ने पहले ही तय कर दिया 50% युवा टिकट का फॉर्मूला
 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि पार्टी स्थानीय राजनीति में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाना चाहती है. हालांकि 50 साल से कम उम्र का फॉर्मूला पूरी तरह Gen-Z तक सीमित नहीं है. इसमें 30, 35, 40 और 45 साल के उम्मीदवार भी शामिल होंगे. लेकिन पार्टी के लिए यह स्थानीय संगठन में नई पीढ़ी के प्रवेश का बड़ा रास्ता बन सकता है. कांग्रेस के टिकट आवेदनों में भी युवा दावेदारों की बड़ी संख्या पार्टी के इस फॉर्मूले को मजबूत आधार देती है. पार्टी से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 72 फीसदी आवेदक 50 साल से कम उम्र के हैं, जबकि 50 फीसदी से ज्यादा आवेदक 40 साल से कम उम्र के बताए जा रहे हैं. यानी कांग्रेस के सामने युवा चेहरों का बड़ा पूल पहले से मौजूद है. अब चुनौती इस बात की है कि पार्टी इनमें से कितने नए और जमीनी चेहरों को टिकट देती है.

कांग्रेस की रणनीति, निकाय चुनाव का बड़ा वोटर बेस युवा 
कांग्रेस के लिए ये रणनीति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि निकाय चुनाव का बड़ा वोटर बेस युवा और कामकाजी उम्र के मतदाताओं का है.18 से 25 वर्ष के 21.30 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवा और नए मतदाताओं की है. वहीं 26 से 35 वर्ष के 36.60 लाख मतदाता स्थानीय राजनीति में रोजगार, कारोबार, शहर की सुविधाओं और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.

 50 फीसदी से ज्यादा टिकट Gen-Z और युवाओं को दिए जाए- गहलोत
टिकट वितरण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी पार्टी को स्पष्ट संदेश दे चुके है कि एक भी टिकट सिफारिश पर नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि जमीनी हकीकत और उम्मीदवार की जीतने की क्षमता को आधार बनाया जाना चाहिए. गहलोत ने यहां तक कहा कि अगर वो खुद किसी उम्मीदवार की सिफारिश करें तो भी केवल उनकी सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिया जाना चाहिए. गहलोत ने युवाओं को लेकर भी अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि 50 फीसदी से ज्यादा टिकट Gen-Z और युवाओं को दिए जाने चाहिए. उनके मुताबिक नई पीढ़ी आगे आ रही है और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने की जरूरत है.कुल मिलाकर 35 वर्ष तक के करीब 58 लाख मतदाता कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के लिए बड़ा चुनावी सेगमेंट है. कांग्रेस अगर अपने युवा उम्मीदवारों को युवा वोटर्स से जोड़ना चाहती है, तो सिर्फ उम्र का कार्ड पर्याप्त नहीं होगा. स्थानीय निकाय चुनाव में युवाओं के मुद्दे सीधे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, खेल सुविधाएं, सार्वजनिक परिवहन, ट्रैफिक, पार्किंग, बेहतर सड़कें, डिजिटल सेवाएं और शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसे मुद्दे हैं जिन पर युवा मतदाता स्थानीय प्रतिनिधि से जवाब मांग सकता है. इसलिए कांग्रेस के सामने चुनौती युवा उम्मीदवार उतारने के साथ-साथ वार्ड स्तर पर युवा एजेंडा तैयार करने की भी है.

युवा कार्ड में कांग्रेस के सामने बगावत का खतरा भी है
युवा उम्मीदवारों को बड़े पैमाने पर टिकट देने का फैसला कांग्रेस के लिए एक मौके के साथ चुनौती भी है. जिन पुराने दावेदारों को टिकट नहीं मिलेगा, उनमें नाराजगी और बगावत की संभावना पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकती है. स्थानीय चुनाव में वार्ड स्तर का व्यक्तिगत संपर्क, परिवार और सामाजिक समीकरण बेहद अहम होते हैं. ऐसे में कांग्रेस को युवा चेहरों को आगे बढ़ाने के साथ अपने पुराने संगठनात्मक नेटवर्क को भी साथ रखना होगा.

असली सवाल 50 फीसदी में कितने नए चेहरे?
कांग्रेस के लिए अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 50 फीसदी टिकट 50 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को देने की घोषणा जमीन पर कितनी प्रभावी होती है.

क्या पार्टी 40 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व देगी?
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में 1.44 करोड़ मतदाता, 10,245 वार्ड और करीब 58 लाख 18 से 35 साल के मतदाता हैं. ऐसे में कांग्रेस का युवा फोकस सिर्फ टिकट वितरण की रणनीति नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक प्रयोग बन गया है. पार्टी एक तरफ 50 फीसदी टिकट 50 साल से कम उम्र के उम्मीदवारों को देने का फॉर्मूला लागू करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ युवा वोटर्स के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
 

 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES