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UNESCO की पहली सीढ़ी चढ़ा शेखावाटी! क्या अब विश्व धरोहर बनेंगी सैकड़ों साल पुरानी हवेलियां?

Rajasthan News: शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां और भित्तिचित्र UNESCO की Tentative List में शामिल हो गए हैं. अब इन्हें World Heritage List में शामिल कराने की तैयारी होगी. जानिए Tentative List क्या है और शेखावाटी को विश्व धरोहर बनने के लिए किन चरणों से गुजरना होगा.

UNESCO की पहली सीढ़ी चढ़ा शेखावाटी! क्या अब विश्व धरोहर बनेंगी सैकड़ों साल पुरानी हवेलियां?
Image Credit: UNESCO Tentative List

UNESCO Tentative List: राजस्थान की शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां अब UNESCO की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा चुकी हैं. शेखावाटी की पुरानी हवेलियों, खूबसूरत भित्तिचित्रों, स्थापत्य, कला और संस्कृति को UNESCO की Tentative List में शामिल किया गया है. इसे शेखावाटी के साथ पूरे राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इस मौके पर शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद गोयल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर के City Palace में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि Tentative List में शामिल होना अभी World Heritage का दर्जा मिलना नहीं है. यह उस दिशा में बढ़ाया गया एक अहम कदम है.

शेखावाटी की हवेलियां इतनी खास क्यों हैं?
शेखावाटी की हवेलियां सिर्फ रहने के लिए बनाई गई पुरानी इमारतें नहीं हैं. इनकी दीवारों पर बने भित्तिचित्र उस समय की कला, संस्कृति, रहन-सहन और समाज की कहानी बताते हैं. मंडावा, नवलगढ़, फतेहपुर, सीकर और झुंझुनू जैसे इलाकों में ऐसी कई हवेलियां हैं, जो अपनी खास चित्रकारी और बनावट के लिए जानी जाती हैं.

इन हवेलियों में बनी तस्वीरों में धार्मिक कहानियों से लेकर उस दौर की रोजमर्रा की जिंदगी तक दिखाई देती है. यही वजह है कि शेखावाटी को अपनी हवेलियों और भित्तिचित्रों के लिए खास पहचान मिली है.

शेखावाटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक हरि शर्मा का कहना है कि ये हवेलियां राजस्थान की कला, लोक-संस्कृति, इतिहास और व्यापारिक विरासत से जुड़ी हैं. इसलिए इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है.

UNESCO Tentative List क्या होती है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि UNESCO की Tentative List आखिर होती क्या है. सीधे शब्दों में कहें तो यह उन जगहों की सूची है, जिन्हें कोई देश आगे चलकर UNESCO की World Heritage List में शामिल करवाना चाहता है. यानी यह World Heritage बनने की शुरुआती सीढ़ी है.

किसी जगह का Tentative List में शामिल होना इस बात का संकेत है कि देश उसे भविष्य में विश्व धरोहर के तौर पर नामांकित करने की तैयारी कर रहा है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि उस जगह को UNESCO ने World Heritage Site घोषित कर दिया है.

शेखावाटी के मामले में भी यही बात लागू होती है. अभी इसकी हवेलियां Tentative List में पहुंची हैं. आगे इन्हें World Heritage List तक ले जाने के लिए कई जरूरी चरण पूरे करने होंगे.

Tentative List में कितने समय रहना पड़ता है?
UNESCO की प्रक्रिया के मुताबिक किसी स्थल को मुख्य World Heritage List के लिए नामांकित करने से पहले उसका Tentative List में होना जरूरी है. किसी स्थल को नामांकन के लिए आगे बढ़ाने से पहले कम से कम एक साल तक Tentative List में रहना होता है.

लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि एक साल पूरा होते ही World Heritage का दर्जा मिल जाता है. किसी जगह को मुख्य सूची तक पहुंचने में इससे कहीं ज्यादा समय लग सकता है. यह उसकी तैयारी, दस्तावेज, संरक्षण और UNESCO के मूल्यांकन जैसी कई चीजों पर निर्भर करता है.

Tentative List से World Heritage List तक कैसे पहुंचते हैं?
अब सवाल आता है कि शेखावाटी की हवेलियां आगे World Heritage List में कैसे पहुंच सकती हैं. इसके लिए सबसे पहले इन जगहों की पूरी जानकारी जुटानी होगी. इसमें हवेलियों का इतिहास, उनकी खासियत, भित्तिचित्र, वास्तुकला, मौजूदा स्थिति और उनके संरक्षण से जुड़ी जानकारी शामिल होगी.

इसके आधार पर एक विस्तृत Nomination Dossier तैयार किया जाता है. आसान भाषा में इसे उस जगह की पूरी फाइल कह सकते हैं. इसमें यह बताया जाता है कि वह जगह क्यों खास है और उसे विश्व धरोहर का दर्जा क्यों मिलना चाहिए. साथ ही यह भी बताया जाता है कि उसे आगे कैसे सुरक्षित रखा जाएगा.

इसके बाद UNESCO से जुड़ी विशेषज्ञ संस्थाएं इस प्रस्ताव का मूल्यांकन करती हैं. सांस्कृतिक विरासत के मामलों में ICOMOS जैसी संस्था की भूमिका होती है. विशेषज्ञ यह देखते हैं कि जगह की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत कितनी है और उसका संरक्षण किस स्थिति में है.

World Heritage बनने के लिए क्या देखा जाता है?
UNESCO किसी जगह को सिर्फ इसलिए World Heritage का दर्जा नहीं देता क्योंकि वह बहुत पुरानी या खूबसूरत है. उसके लिए कुछ तय मानदंड हैं. जगह में ऐसी खासियत होनी चाहिए, जिसका महत्व सिर्फ स्थानीय या राष्ट्रीय स्तर तक सीमित न हो, बल्कि पूरी दुनिया के लिए हो. इसे Outstanding Universal Value यानी OUV कहा जाता है.

UNESCO के कुल 10 मानदंड हैं. इनमें सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, स्थापत्य और प्राकृतिक महत्व जैसी अलग-अलग बातें शामिल हैं. किसी स्थल को इनमें से कम से कम एक मानदंड पर खरा उतरना होता है.

विशेषज्ञों की जांच और रिपोर्ट के बाद मामला UNESCO की World Heritage Committee के सामने जाता है. समिति की बैठक में अंतिम फैसला होता है कि किसी स्थल को World Heritage List में शामिल किया जाए या नहीं.

शेखावाटी के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
Tentative List में पहुंचने के बाद सबसे जरूरी काम शेखावाटी की विरासत को जमीन पर सुरक्षित रखना होगा. पुरानी हवेलियों की हालत कई जगह खराब हो रही है. ऐसे में उनका सही तरीके से रखरखाव और मरम्मत जरूरी है. साथ ही पुराने भित्तिचित्रों को भी बचाना होगा, ताकि मरम्मत के दौरान उनकी असली पहचान खराब न हो.

इसके लिए विशेषज्ञों की मदद, सही दस्तावेज और संरक्षण की ठोस योजना जरूरी होगी. अतिक्रमण से हवेलियों को बचाना भी एक अहम काम होगा. हरि शर्मा ने भी कहा है कि शेखावाटी को World Heritage का दर्जा दिलाने के लिए संरक्षण, दस्तावेज तैयार करने, हवेलियों के पुनरुद्धार और भित्तिचित्रों को बचाने पर काम करना होगा.

पर्यटन के लिए भी बड़ी संभावना
अगर शेखावाटी आगे चलकर World Heritage List में शामिल होती है तो इसका असर पर्यटन पर भी पड़ सकता है. देश और विदेश से ज्यादा लोग यहां की हवेलियों और भित्तिचित्रों को देखने आ सकते हैं.

हालांकि, इसके लिए सिर्फ हवेलियों को बचाना काफी नहीं होगा. पर्यटकों के लिए सड़क, साफ-सफाई, रहने की जगह, गाइड और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बेहतर करनी होंगी.

इसी वजह से शेखावाटी फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार से Heritage Conservation Mission, विशेषज्ञ समिति, संरक्षण निधि और Heritage Tourism Plan तैयार करने की मांग की है.

राजस्थान के कई स्थल पहले Tentative List में रह चुके हैं
शेखावाटी के लिए उम्मीद की एक वजह राजस्थान की दूसरी UNESCO साइट्स भी हैं. राजस्थान के कई प्रमुख स्थल पहले Tentative List का हिस्सा रह चुके हैं और बाद में World Heritage List में पहुंचे.

जयपुर की Walled City को 2019 में UNESCO World Heritage का दर्जा मिला. वहीं आमेर, कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़, रणथंभौर, जैसलमेर और गागरोन के छह पहाड़ी किले 2013 में World Heritage List में शामिल हुए थे. जयपुर का जंतर-मंतर भी UNESCO की मुख्य सूची में शामिल है.

इससे यह समझ आता है कि Tentative List से आगे बढ़कर World Heritage तक पहुंचना संभव है, लेकिन इसके लिए लगातार काम करना पड़ता है.

क्या World Heritage Site वापस Tentative List में जाती है?
नहीं. एक बार कोई स्थल World Heritage List में शामिल हो जाए तो उसे वापस Tentative List में नहीं भेजा जाता. हां, अगर किसी World Heritage Site को गंभीर खतरा हो, उसका रखरखाव ठीक न हो या उसकी खास पहचान को नुकसान पहुंचने लगे तो UNESCO उसे ‘World Heritage in Danger’ यानी खतरे में मौजूद विश्व धरोहर की सूची में डाल सकता है. इसलिए World Heritage का दर्जा मिलने के बाद भी उस जगह की देखभाल लगातार करनी पड़ती है.

अब शेखावाटी की अगली मंजिल क्या है?
शेखावाटी फाउंडेशन के लिए अब अगला लक्ष्य साफ है-हवेलियों और भित्तिचित्रों को UNESCO की World Heritage List तक पहुंचाना. इसके लिए सरकार, स्थानीय प्रशासन, विशेषज्ञों, हवेली मालिकों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा. संरक्षण के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि शेखावाटी की पुरानी पहचान बनी रहे और पर्यटन बढ़ने के बावजूद इसकी विरासत को नुकसान न पहुंचे.

फिलहाल शेखावाटी UNESCO की राह पर अपनी पहली बड़ी सीढ़ी चढ़ चुकी है. Tentative List में जगह मिलना इस सफर की शुरुआत है. अब असली चुनौती यह होगी कि इस ऐतिहासिक विरासत को सही तरीके से संभालते हुए इसे World Heritage List तक कैसे पहुंचाया जाए.

शेखावाटी की हवेलियों की दीवारों पर बनी सदियों पुरानी तस्वीरें सिर्फ बीते समय की याद नहीं हैं. इनमें राजस्थान के इतिहास और संस्कृति की कहानी छिपी है. अब जरूरत इस कहानी को बचाने और दुनिया तक पहुंचाने की है.

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About the Author

SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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