डॉक्टर की मौत से AIIMS में मचा बवाल: साथी रेजिडेंट्स का प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
Rajasthan News: जोधपुर AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की संदिग्ध आत्महत्या के बाद साथी डॉक्टरों ने विरोध शुरू कर दिया. मुंह पर पट्टी बांधकर प्रदर्शन, कैंडल मार्च और डायरेक्टर आवास के बाहर नारेबाजी के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है.
Jodhpur News: जोधपुर के AIIMS अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की संदिग्ध आत्महत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. डॉक्टर की मौत से नाराज साथी रेजिडेंट डॉक्टरों ने विरोध शुरू कर दिया है. डॉक्टरों ने मुंह पर पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया. मृतक डॉक्टर को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च भी निकाला गया. इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों ने AIIMS डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन पुरी के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए ‘WE WANT JUSTICE’ के नारे लगाए.
मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे डॉक्टर
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमेटी के साथ बातचीत भी हुई, लेकिन इसमें कोई समाधान नहीं निकल सका. इसके बाद डॉक्टर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं.
कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि
डॉ. राज नरेश यादव की मौत के बाद साथी डॉक्टरों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला. इस दौरान डॉक्टरों ने घटना को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर AIIMS डायरेक्टर के आवास के बाहर भी पहुंचे. यहां उन्होंने न्याय की मांग को लेकर नारे लगाए और मामले में कार्रवाई की मांग की.
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
मृतक डॉक्टर का पोस्टमार्टम AIIMS की मोर्चरी में कराया गया. प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. पुलिस मौत से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को खंगाल रही है.
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ड्यूटी के दौरान अचानक चले गए थे डॉक्टर
डॉ. राज नरेश यादव 31 साल के थे और अलवर के रहने वाले थे. वे AIIMS जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में PG फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर थे. घटना वाले दिन वे OT ड्यूटी पर थे. दोपहर में ड्यूटी के दौरान वह OT से बाहर चले गए थे. करीब डेढ़ से दो घंटे तक वापस नहीं लौटने पर साथी डॉक्टरों को चिंता हुई.
बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाला था बाहर
साथी डॉक्टरों ने राज नरेश को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई. वे OT कॉम्प्लेक्स के ब्रेक रूम के बाथरूम में अचेत हालत में मिले थे. बाथरूम अंदर से बंद था, जिसके बाद डॉक्टरों ने दरवाजा तोड़ा और उन्हें बाहर निकाला. साथी डॉक्टरों ने CPR और इमरजेंसी इलाज देने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.
4-5 साल बाद कर रहे थे PG
राज नरेश ने जोधपुर AIIMS से MBBS किया था. इसके बाद वे दिल्ली चले गए थे. करीब 4-5 साल के अंतराल के बाद उन्होंने PG की परीक्षा दी थी और पिछले साल उन्हें AIIMS जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में PG सीट मिली थी. किसी तरह के दबाव या परेशानी को लेकर उस समय आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई थी. अब डॉक्टरों के विरोध के बीच पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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