‘ये रिश्ता सिर्फ आज का नहीं’... जब कलेक्टर संदेश नायक बने जामडोली की बेटियों के भाई
Rajasthan News: रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर जामडोली स्थित राजकीय मानसिक विमंदित गृह में भावुक माहौल रहा. बेटियों ने जयपुर कलेक्टर संदेश नायक को राखी बांधी. कलेक्टर ने बच्चों संग त्योहार मनाकर मिठाई और उपहार दिए.
Jaipur News: रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर जयपुर के जामडोली स्थित राजकीय मानसिक विमंदित गृह में माहौल भावुक और खुशनुमा हो गया. यहां रहने वाली बेटियों ने जयपुर कलेक्टर संदेश नायक की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा. कलेक्टर ने भी इन बच्चों के साथ अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह त्योहार मनाया. उन्होंने बच्चों से राखी बंधवाई, मिठाई खिलाई और उपहार दिए. इस दौरान बच्चों ने संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं.
कलेक्टर को राखी बांधकर बेटियों के चेहरे पर आई खुशी
जामडोली के बालिका विंग में कलेक्टर संदेश नायक के पहुंचते ही बच्चों में उत्साह देखने को मिला. बेटियों ने उन्हें राखी बांधी तो माहौल में अपनापन साफ नजर आया. किसी के चेहरे पर भाई को राखी बांधने की खुशी थी तो किसी की आंखों में अपनेपन की चमक दिखाई दी. कलेक्टर ने भी बच्चों के साथ समय बिताया और उनका हौसला बढ़ाया.
संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से सजा कार्यक्रम
रक्षाबंधन के मौके पर बालक-बालिकाओं ने संगीत और नृत्य की प्रस्तुति दी. बच्चों की प्रस्तुति देखकर कलेक्टर ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया. कार्यक्रम के बाद उन्होंने बच्चों की हौसला अफजाई भी की. पूरे आयोजन में बच्चों के बीच त्योहार का उत्साह देखने को मिला.
अधिकारी नहीं, परिवार के सदस्य की तरह मनाया त्योहार
इस आयोजन की खास बात यह रही कि रक्षाबंधन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा. परिवार से दूर रह रहे इन बच्चों के लिए त्योहार की खुशियां कई बार अधूरी रह सकती हैं. ऐसे में जिला प्रशासन के मुखिया ने उनके साथ परिवार के सदस्य की तरह समय बिताया. राखी बंधवाने से लेकर बच्चों के साथ बातचीत और उनकी प्रस्तुतियां देखने तक कलेक्टर उनके बीच सहज नजर आए.
पहले से बना हुआ है बच्चों से अपनापन
बालिका विंग की अधीक्षक विद्या चौधरी ने बताया कि कलेक्टर संदेश नायक समय-समय पर गृह में रह रहे दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिलने आते हैं. त्योहारों के मौके पर भी वह बच्चों के साथ खुशियां साझा करते हैं और जरूरत के अनुसार सहयोग करते हैं. ऐसे में रक्षाबंधन पर बना यह रिश्ता अचानक नहीं बना, बल्कि लगातार मुलाकातों के दौरान बच्चों और कलेक्टर के बीच अपनापन बढ़ा है.
मिठाई और उपहार से ज्यादा खास रहा साथ
कलेक्टर ने बच्चों को मिठाई और उपहार दिए. हालांकि इस मुलाकात में बच्चों के लिए सबसे खास वह समय रहा, जो कलेक्टर ने उनके साथ बिताया. संगीत, नृत्य, तालियां और मुस्कुराते चेहरों ने पूरे कार्यक्रम को परिवार जैसा माहौल दे दिया. त्योहार के दौरान बच्चों के बीच खुशी का माहौल बना रहा.
राखी की डोर ने दिया अपनापन का संदेश
कार्यक्रम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निदेशक मनोज शर्मा, मानसिक विमंदित गृह बालक विंग के अधीक्षक जितेंद्र कुमार सेठी सहित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. रक्षाबंधन पर कलाई पर बंधी राखी ने भाई-बहन के रिश्ते की याद दिलाई. इस मुलाकात ने यह भी दिखाया कि कुछ रिश्ते खून के नहीं होते, बल्कि साथ और अपनापन देने से बनते हैं.
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