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राजस्थान में पेट्रोल पंप पर कैमरा देगा PUCC का सबूत, फिर मिल सकेगा पेट्रोल-डीजल!

राजस्थान के दिल्ली-NCR में शामिल 5 जिलों अलवर, खैरथल-तिजारा, बहरोड़, भरतपुर और डीग में 1 दिसंबर से वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू होने जा रही है. अब पेट्रोल, डीजल और CNG लेने के लिए वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) होना जरूरी होगा.

Written By Kashiram Chaudhary
Published: Nov 04, 2026, 05:22 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 05:26 PM IST
Image Credit: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र
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राजस्थान के दिल्ली एनसीआर में शामिल 5 जिलों में वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू होने जा रही है. अब दिल्ली एनसीआर के जिलों में वाहनों को पेट्रोल-डीजल तभी मिल सकेगा, जब वाहन का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बना हुआ हो. इसकी मॉनिटरिंग भी कैमरों के जरिए होगी. राज्य में परिवहन विभाग अब पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगवाने जा रहा है. दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में शामिल 5 जिलों के वाहनों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी.

दरअसल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 अक्टूबर से दिल्ली एनसीआर में यह अनिवार्य कर दिया है कि जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र यानी पीयूसीसी बना हुआ होगा, उन्हीं वाहनों को पेट्रोल-डीजल या सीएनजी दिया जाएगा. वहीं, जिन वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बना हुआ नहीं होगा, उन वाहनों को पेट्रोल-डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा.  

हालांकि अभी इस आदेश की पालना मैन्युअली की जा रही है. ऐसे में पेट्रोल पम्प संचालक बिना पीयूसीसी वाले वाहनों को भी पेट्रोल-डीजल दे देते हैं लेकिन अब 1 दिसंबर से ऐसा संभव नहीं हो सकेगा. दरअसल आयोग के निर्देश पर परिवहन विभाग ने सभी पेट्रोल पम्पों पर कैमरे लगाने का कार्य शुरू कर दिया है. ये कैमरे 30 नवंबर तक लगा दिए जाएंगे. इसके बाद बिना पीयूसीसी वाले वाहनों को ईंधन मिलना संभव नहीं होगा.

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इस तरह लगेंगे दिल्ली NCR में कैमरे
परिवहन विभाग ने रेलटेल कॉरपोरेशन को दिया वर्क ऑर्डर
ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे
इन कैमरों से 24 घंटे सभी पेट्रोल पम्पों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी
जैसे ही वाहन पेट्रोल-डीजल लेने आएगा, कैमरे उसकी तस्वीर लेंगे
वाहन 4.0 सॉफ्टवेयर से जुड़े होने से वाहन की पूरी जानकारी आ जाएगी
वाहन का पीयूसीसी बना हुआ है या नहीं, यह स्क्रीन पर दिखेगा
पेट्रोल पम्प कर्मी इसे देखकर ही वाहन को पेट्रोल या डीजल दे सकेगा
बिना पीयूसीसी वाले वाहन के लिए ईंधन देने का विकल्प नहीं होगा

पीयूसीसी जांच कब ?
इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए पीयूसीसी जांच करवाना जरूरी नहीं
1 साल तक पुराने डीजल-पेट्रोल, सीएनजी के नए वाहनों को भी छूट
बीएस-4 और बीएस-6 वाहनों को हर साल पीयूसीसी रिन्यू कराना जरूरी
बीएस-3 या अन्य पुराने वाहनों के लिए हर 6 माह में रिन्यू कराना जरूरी

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1 दिसंबर से कैमरों से मॉनिटरिंग शुरू होगी
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. 30 नवंबर तक रेलटेल को सभी 361 पेट्रोल पम्पों पर कैमरे लगाने का आदेश दिया गया है. एनसीआर में अलवर, खैरथल-तिजारा, बहरोड, भरतपुर और डीग जिले शामिल हैं. 1 दिसंबर से कैमरों से पूरी तरह से वाहनों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी जाएगी.

राजस्थान में दिल्ली NCR के वाहनों का गणित
दिल्ली NCR क्षेत्र में राजस्थान के 5 जिले शामिल
इन जिलों में कुल 1878565 वाहन हैं पंजीकृत
हालांकि इन सभी 5 जिलों में सक्रिय वाहनों की संख्या करीब 11 लाख
सभी 5 जिलों में कुल पेट्रोल पम्प की संख्या 361
अलवर में 162, बहरोड़ में 16, खैरथल-तिजारा में 30 पेट्रोल पम्प
भरतपुर और डीग दोनों जिलों में 153 पेट्रोल पम्प
इन पांचों जिलों में पीयूसीसी केन्द्रों की संख्या करीब 100 
 

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जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
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