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नर्मदा जल समझौते पर राजस्थान समेत 4 राज्यों की बैठक: राजस्थान को अतिरिक्त पानी मिलने की जगी उम्मीद

नर्मदा जल समझौते को लागू करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें राजस्थान समेत चार राज्यों ने हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसून के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त पानी के भंडारण के लिए DPR तैयार कराने की जानकारी दी.

नर्मदा जल समझौते पर राजस्थान समेत 4 राज्यों की बैठक: राजस्थान को अतिरिक्त पानी मिलने की जगी उम्मीद
Image Credit: BHAJANLAL SHARMA SOCIAL MEDIA

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में मंगलवार को नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण समीक्षा समिति की 15वीं बैठक का आयोजित हुई. बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण वीसी के जरिये जुड़े.

4 राज्यों के बीच अहम बैठक

बैठक में नर्मदा जल समझौते की क्रियान्विति पर विस्तार से चर्चा हुई. पिछले महीनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुए नर्मदा जल समझौते की क्रियान्विति की दिशा में राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. आपसी तालमेल और सदभाव को आगे बढ़ाते हुए आज नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण समीक्षा समिति की अहम बैठक हुई.

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वर्षों से लम्बित अंतरराज्यीय जल सहयोग के नए आयाम स्थापित हुए हैं. नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की समीक्षा समिति द्वारा 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में हुए समझौते को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आपसी सहमति, समन्वय, सहयोग और विश्वास से दशकों पुराने जल समझौतों ने मूर्त रूप लिया है.

मानसून के अतिरिक्त पानी को सहेजने की तैयारी

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि 1979 के नर्मदा जल विवाद अधिकरण के अंतर्गत मानसून अवधि में उपलब्ध अधिशेष जल के उपयोग के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. अधिशेष जल के भंडारण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है. हमारा उद्देश्य मानसून के दौरान व्यर्थ बहने वाले अतिरिक्त पानी को संरक्षित कर प्रदेश के जलाभावग्रस्त क्षेत्रों की बढ़ती मांग को पूरा करना है.

CM भजनलाल ने केंद्र के सहयोग को सराहा

मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार और पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय से अंतरराज्यीय जल सहयोग के नए आयाम स्थापित हुए हैं. रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता जैसे ऐतिहासिक समझौतों ने जलाभावग्रस्त क्षेत्रों के लिए नई उम्मीद जगाई है. वहीं राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र ने सहकारी संघवाद की भावना से नर्मदा परियोजना के अंतर्गत सराहनीय कदम उठाए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने नर्मदा नहर परियोजना के अंतर्गत जल दक्षता का अनूठा मॉडल स्थापित किया है. जालोर और बाड़मेर जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों तक इस परियोजना में सम्पूर्ण कमांड क्षेत्र में फव्वारा सिंचाई पद्धति को अनिवार्य करने की पहल की गई है. इस सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से पानी की छीजत नगण्य हुई है. साथ ही 2.46 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड क्षेत्र में निर्धारित 40 प्रतिशत सिंचाई सघनता के लक्ष्य को कुशलतापूर्वक प्राप्त किया जा रहा है. किसानों की फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. यह पहल पूरे देश के लिए कुशल जल संरक्षण और उपयोग की उत्कृष्ट मिसाल है.

उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है. राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि विकास, अर्थव्यवस्था, कृषि, पशुपालन और जनजीवन की जीवनरेखा है. विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में पेयजल और सिंचाई के लिए जल की सुनिश्चित उपलब्धता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.

नर्मदा जल समझौते से राजस्थान को अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों का सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. समझौते से राजस्थान को उसके हिस्से से भी कहीं ज्यादा पानी मिलने के आसार हैं. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कोशिशों से जालौर और बाड़मेर जिले के लिए आने वाले दिनों में इस बारे में और खुशखबरी आ सकती है.

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Babulal Dhayal

Babulal Dhayal

बाबूलाल धायल ज़ी राजस्थान में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं. पिछले 25 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और सीएमओ और मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों की खबरें प्रमुखता से कवर करते हैं. पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में उनकी मजबूत पहचान है और वे बीजेपी - कांग्रेस दोनों से जुड़ी खबरों को कवर करते रहे हैं. विधानसभा, सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों और ग्रामीण विषयों पर उनकी पकड़ खास मानी जाती है. बाबूलाल धायल,  राजस्थान पत्रिका, ईटीवी और न्यूज़18 जैसे संस्थानों में भी कार्य कर चुके हैं.
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