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LPG का बदला हिसाब, जानें क्यों 945 की जगह 1597 रुपये में मिलेगा 10 किलो सिलेंडर

राजस्थान एलपीजी गैस के लिए eKYC की समय सीमा 30 सितंबर को खत्म हो गई है. eKYC लंबित रहने पर नियमित 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर की सुविधा प्रभावित होगी और फिलहाल 5 या 10 किलो के महंगे फ्री-ट्रेड सिलेंडर का विकल्प मिलेगा. प्रदेश में तीनों तेल कंपनियों के करीब 29.23 लाख कनेक्शन की eKYC लंबित है. राहत यह है कि eKYC पूरी करते ही नियमित घरेलू सिलेंडर की सुविधा फिर बहाल हो सकेगी.

LPG का बदला हिसाब, जानें क्यों 945 की जगह 1597 रुपये में मिलेगा 10 किलो सिलेंडर
Image Credit: Rajasthan lpg ekyc

Rajasthan News: एलपीजी गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी चूके तो अब चूल्हा जलाना महंगा पड़ेगा. 30 सितंबर की मोहलत खत्म हो चुकी है और बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं के लिए नियमित 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर का रास्ता बंद हो गया है. अब विकल्प 5 या 10 किलो का महंगा फ्री-ट्रेड सिलेंडर है. राजस्थान में 29 लाख से ज्यादा कनेक्शन इसकी जद में बताए जा रहे हैं. राहत सिर्फ इतनी है जिस दिन ई-केवाईसी कराएंगे, उसी दिन से घरेलू सिलेंडर की सुविधा फिर बहाल हो जाएगी.

eKYC नहीं तो बदल जाएगा LPG सिलेंडर का हिसाब 
एलपीजी गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के लिए आज से रसोई गैस का गणित बदल गया है. अब मामला केवल घरेलू सिलेंडर की सुविधा रुकने तक सीमित नहीं है. ऐसे उपभोक्ता को गैस चाहिए तो पहले 5 या 10 किलो का फ्री-ट्रेड सिलेंडर लेना होगा और इसके लिए शुरुआती खर्च भी हजारों रुपये तक पहुंच सकता है. पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से ई-केवाईसी की समय सीमा 30 सितंबर को खत्म होने के बाद इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है.

29 लाख से ज्यादा कनेक्शन की eKYC लंबित 
प्रदेश में तीनों ऑयल कंपनियों के 29 लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी लंबित बताई जा रही है. ऐसे उपभोक्ताओं को नियमित 14.2 किलो घरेलू LPG रिफिल की जगह फिलहाल 5 या 10 किलो के फ्री-ट्रेड सिलेंडर का विकल्प मिलेगा. तुरंत गैस चाहिए तो 5 या 10 किलो का फ्री-ट्रेड सिलेंडर लेना होगा. यहीं सबसे बड़ा झटका है. 10 किलो का सिलेंडर लेने के लिए पहली बार करीब 4 हजार 783 खर्च करने होंगे. इसके बाद इसे दोबारा भरवाने पर मौजूदा दर के हिसाब से करीब 1597 रुपये खर्च होंगे, जिन उपभोक्ताओं को 10 किलो का सिलेंडर नहीं लेना है, उनके पास 5 किलो के फ्री-ट्रेड सिलेंडर का विकल्प है. इसके लिए नया कनेक्शन करीब 1,908 में मिलेगा और अगली रिफिल पर करीब ₹787 खर्च होंगे. फ्री-ट्रेड सिलेंडर की दरें बाजार आधारित हैं, इसलिए इनमें हर महीने बदलाव हो सकता है.

30 सितंबर के बाद नहीं बढ़ी eKYC की डेडलाइन
गौरतलब हैं कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस कनेक्शन की eKYC के लिए तय 30 सितंबर की समय-सीमा आगे नहीं बढ़ाई है. प्रदेश में तीनों ऑयल कंपनियों के 29 लाख से ज्यादा कनेक्शन की eKYC अब भी लंबित है.

यानी EKYC नहीं तो यह होगा नया हिसाब
eKYC पूरी है तो नियमित घरेलू सिलेंडर: 14.2 किलो-करीब 945 रुपये 
10 किलो फ्री-ट्रेड: नया कनेक्शन करीब 4783 रुपये-रिफिल करीब 1597 रुपये
5 किलो फ्री-ट्रेड: नया कनेक्शन करीब 1,908 रुपये-रिफिल करीब 787 रुपये
फ्री-ट्रेड सिलेंडर पर घरेलू LPG वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा. 
राहत यह कि eKYC कराते ही फिर खुल जाएगा घरेलू सिलेंडर का रास्ता

LPG ekyc

eKYC पूरी करते ही फिर मिलेगा घरेलू LPG रिफिल
ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक एलपीजी उपभोक्ता के लिए राहत की बात यह है कि यह रोक स्थायी नहीं है. जिस दिन उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी-वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी कर लेगा, उसके बाद नियमित घरेलू LPG रिफिल की सुविधा फिर उपलब्ध हो सकेगी. यानी जिनकी ई-केवाईसी रह गई है, वे अब भी प्रक्रिया पूरी कराकर नियमित व्यवस्था में लौट सकते हैं, जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं कराना चाहते या ऐसा करने में असमर्थ हैं, उनके लिए भी फ्री-ट्रेड LPG लेने का विकल्प रखा गया है. उन्हें डिजिटल चैनल, कंपनी के ऐप, व्हाट्सएप अथवा IVRS के माध्यम से सहमति/विकल्प दर्ज करना होगा.

पुराने कनेक्शन और गलत रिकॉर्ड भी बड़ी वजह 
कंपनियां पात्र उपभोक्ताओं को इसके लिए संबंधित नंबरों की जानकारी भी भेज रही हैं. ई-केवाईसी लंबित रहने के पीछे सिर्फ उपभोक्ताओं की लापरवाही ही कारण नहीं है. बड़ी संख्या में पुराने कनेक्शन ऐसे भी हैं जिनके मूल उपभोक्ता की मृत्यु हो चुकी है. कई परिवार दूसरे शहर या स्थान पर शिफ्ट हो गए, जबकि गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में पुराना पता और मोबाइल नंबर ही दर्ज है. ऐसे मामलों में रिकॉर्ड अपडेट कराना बड़ी चुनौती बन गया है. ऑयल कंपनियां उपभोक्ताओं को सलाह दे रही हैं कि मृत उपभोक्ता के नाम चल रहे कनेक्शन को परिवार के पात्र जीवित सदस्य के नाम ट्रांसफर कराया जाए और मोबाइल नंबर, पता सहित पुराने रिकॉर्ड को अपडेट कराया जाए.

eKYC अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, रसोई के बजट का सवाल
बहरहाल, यानी 30 सितंबर तक जो eKYC सिर्फ एक औपचारिकता लग रही थी. अब वही आपकी रसोई का बजट तय करेगी. eKYC है तो 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर. नहीं है तो 5 या 10 किलो के महंगे फ्री-ट्रेड सिलेंडर का सहारा. राहत बस इतनी है कि देर अभी भी नहीं हुई, जिस दिन eKYC पूरी होगी, उसी दिन से घरेलू सिलेंडर का रास्ता फिर खुल जाएगा.  

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