14 साल से कम उम्र में कमाल: राजस्थान के लाल ने नेशनल चैंपियनशिप में जीता कांस्य, गांव लौटने पर हुआ भव्य स्वागत
राजस्थान के खेतड़ी क्षेत्र के डाडा फतेहपुरा गांव के युवा खिलाड़ी प्रशांत सिंह ने दसवीं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप-2026 में अंडर-14 वर्ग में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया. गाजे-बाजे के साथ खुली जीप में जुलूस निकालकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया गया.
फतेहपुरा गांव के युवा खिलाड़ी प्रशांत सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र और राजस्थान का नाम रोशन किया है. राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर गांव लौटने पर निजामपुर मोड़ स्थित विवेकानंद सर्किल पर ग्रामीणों ने साफा और माला पहनाकर उनका भव्य अभिनंदन किया. इसके बाद गाजे-बाजे के साथ खुली जीप में जुलूस निकालकर उन्हें उनके पैतृक गांव डाडा फतेहपुरा ले जाया गया.
इस दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह खिलाड़ी का उत्साह बढ़ाया और उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया. प्रशांत सिंह ने हरियाणा के रतिया स्थित गुरु नानक डिफेंस एंड स्पोर्ट्स एकेडमी परिसर में आयोजित दसवीं जूनियर नेशनल चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन किया.
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अंडर-14 गतका चैंपियनशिप में जीता कांस्य पदक
गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रशांत ने अंडर-14 आयु वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया. राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है.
कोच दीपक कुमार ने की प्रशांत के प्रदर्शन की सराहना
प्रशांत के कोच एवं राजस्थान टीम के मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है. उनकी सफलता से खेतड़ी क्षेत्र के साथ पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ा है. इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करना प्रशांत के उज्ज्वल खेल भविष्य की उम्मीद जगाता है.
गांव लौटने पर साफा-माला पहनाकर किया सम्मानित
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद प्रशांत के गांव लौटने पर ग्रामीणों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया. निजामपुर मोड़ स्थित विवेकानंद सर्किल पर साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया गया. इसके बाद गाजे-बाजे के साथ खुली जीप में जुलूस निकालकर उन्हें गांव तक ले जाया गया.
प्रशांत की सफलता युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
स्वागत के दौरान ग्रामीणों ने प्रशांत की उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया. प्रशांत की सफलता इस बात का उदाहरण है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और परिवार व प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से छोटी उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती है. राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतकर प्रशांत ने अन्य युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया है.