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आपराधिक केस के चलते अटका पासपोर्ट: 3 महीने से परेशान शख्स पहुंचा हाईकोर्ट, 6 सप्ताह में निर्णय का आदेश

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने आपराधिक मामला लंबित होने के कारण अटके पासपोर्ट आवेदन पर निर्धारित समय में फैसला करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने याचिकाकर्ता गंगाराम को दो सप्ताह में सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने को कहा है.

Written By Aman Singh
Published: Oct 03, 2026, 10:46 PM IST | Updated: Oct 03, 2026, 10:53 PM IST
Image Credit: Zee Media
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Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने आपराधिक प्रकरण लंबित होने के चलते पासपोर्ट जारी नहीं किए जाने के मामले में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी जयपुर को याचिकाकर्ता के आवेदन पर निर्धारित समय में निर्णय करने के निर्देश दिए हैं. याचिकाकर्ता गंगाराम की ओर से अधिवक्ता दिनेश जैन ने न्यायालय में पैरवी करते हुए बताया कि संबंधित न्यायालय से पासपोर्ट जारी करने की अनुमति मिलने के बावजूद पासपोर्ट प्राधिकारी द्वारा आवेदन पर निर्णय नहीं किया जा रहा है.

मामले के अनुसार, गंगाराम के खिलाफ थाना मथानिया जिला जोधपुर ईस्ट में धारा 279, 337 एवं 338 आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था. पुलिस जांच के बाद चालान भी न्यायालय में पेश किया जा चुका था. आपराधिक प्रकरण लंबित रहने के दौरान गंगाराम ने पासपोर्ट जारी करवाने की अनुमति के लिए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-4 जोधपुर मेट्रोपोलिटन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था.

ट्रायल कोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने की दी थी अनुमति

ट्रायल कोर्ट ने 10 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री पर विचार करने के बाद कारणयुक्त आदेश पारित करते हुए गंगाराम के पक्ष में पासपोर्ट जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी थी. इसके बाद याचिकाकर्ता ने उक्त आदेश की प्रति के साथ पासपोर्ट प्राधिकारी को अपना जवाब प्रस्तुत किया और न्यायालय द्वारा दी गई अनुमति को ध्यान में रखते हुए पासपोर्ट जारी करने का आग्रह किया. इसके बावजूद पासपोर्ट जारी नहीं होने पर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई.

पासपोर्ट अधिकारी ने मांगा था स्पष्टीकरण

याचिका में बताया गया कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की ओर से 21 अप्रैल 2026 को पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसका याचिकाकर्ता ने निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत कर दिया था. इसके बाद भी पासपोर्ट आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया.

सुनवाई के दौरान सामने आई अंडरटेकिंग की कमी

जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की बेंच में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से उप सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि याचिकाकर्ता ने एनओसी भेजी है, लेकिन दिनांक 25 अगस्त 1993 के तहत अपेक्षित अंडरटेकिंग प्रस्तुत नहीं की गई है.

दो सप्ताह में दस्तावेज जमा करने के निर्देश

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को नोटिस में मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दो सप्ताह के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद सक्षम प्राधिकारी याचिकाकर्ता के पासपोर्ट आवेदन पर छह सप्ताह के भीतर विचार कर स्पीकिंग ऑर्डर पारित करें और यदि याचिकाकर्ता सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करता है तथा अन्यथा पासपोर्ट पाने के लिए पात्र है, तो पासपोर्ट जारी किया जाए.

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जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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