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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्ति दी तो चौकीदार-रसोइया का काम क्यों? हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में नियुक्त कर्मचारियों से चौकीदार और रसोइया का काम कराने के मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्ति के बावजूद अलग तरह के कार्य दिए जा रहे हैं और मेरिट-कम-प्रेफरेंस के आधार पर पोस्टिंग नहीं मिली. जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है.

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्ति दी तो चौकीदार-रसोइया का काम क्यों? हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Image Credit: Rajasthan Highcourt

Class IV Recruitment: राजस्थान हाईकोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 के तहत नियुक्त अभ्यर्थियों के पदस्थापन और उनसे कराए जा रहे काम को लेकर मामला पहुंचा है. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्ति के बाद उनसे हॉस्टल में चौकीदार और रसोइया जैसे कार्य कराए जा रहे हैं. मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है. कोर्ट ने प्रशासनिक सुधार विभाग के एसीएस, उप सचिव और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है.


याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया कि अभ्यर्थियों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की चयन प्रक्रिया और लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की थी. उनका कहना है कि अच्छी मेरिट हासिल करने के बावजूद उन्हें उनकी पसंद और मेरिट के अनुरूप पदस्थापन नहीं दिया गया. याचिका में दावा किया गया है कि कुछ कर्मचारियों को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर नियुक्त किया गया, लेकिन बाद में हॉस्टल में उनसे रसोइया और चौकीदार का काम कराया जाने लगा.


मेरिट-कम-प्रेफरेंस पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं ने पदस्थापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि समान भर्ती में कम मेरिट वाले कुछ अभ्यर्थियों को उनके पसंदीदा गृह जिले आवंटित किए गए, जबकि अधिक मेरिट वाले याचिकाकर्ताओं को अपेक्षाकृत कम पसंद वाले और दूरस्थ स्थानों पर नियुक्त किया गया. याचिका में प्रशासनिक सुधार विभाग के उस प्रावधान का भी हवाला दिया गया है, जिसमें मेरिट-कम-प्रेफरेंस के आधार पर पोस्टिंग और आवंटन की व्यवस्था होने की बात कही गई है.


रसोइया और चौकीदार के काम पर आपत्ति
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह तर्क भी रखा गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त कर्मचारियों से अलग पद से जुड़े काम नहीं कराए जाने चाहिए. अधिवक्ता का कहना है कि रसोइया और चौकीदार के पद की जिम्मेदारियां और सेवा शर्तें अलग हैं. वहीं, याचिका में यह भी दावा किया गया कि इसी भर्ती के तहत दूसरे विभागों में नियुक्त कर्मचारियों से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के नियमित कार्य ही कराए जा रहे हैं. इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने पदस्थापन प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया है.


हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब
मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सरकार का जवाब आने के बाद ही मामले की स्थिति और आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी. फिलहाल कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट पर भी चतुर्थ श्रेणी भर्ती-2024 के चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापन और जिला आवंटन से संबंधित आदेश अगस्त 2026 में जारी किए गए थे.

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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