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डीग भूमि विवाद: CM को व्यक्तिगत पक्षकार बनाने पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- कानूनी दायरे में करें बात!

Jaipur News: किसी स्थानीय जमीन विवाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री को सीधे व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाया जा सकता है क्या? इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए खास संदेश दिया है. दरअसल, डीग में बने रोडवेज बस स्टैंड से जुड़े एक भूमि विवाद में अदालत ने याचिकाकर्ता की अपील खारिज कर दी. साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नाम व्यक्तिगत पक्षकार के तौर पर हटाने के भी सख्त निर्देश दिए हैं.

Written By Sandhya Yadav
Published: Sep 29, 2026, 09:02 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 09:06 AM IST
Image Credit: जमीन के मुकदमे में सीएम भजनलाल का नाम क्यों? राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की अपील.
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Jaipur News: राजस्थान हाईकोर्ट ने भूमि स्वामित्व से जुड़े एक मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाए जाने पर कड़ा एतराज जताया है. अदालत ने मामले में दायर अपील को खारिज करते हुए साफ किया कि भूमि के स्वामित्व का फैसला राजस्व अदालत या सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है. हाईकोर्ट इस तरह के स्वामित्व विवाद में सीधे तौर पर दखल नहीं दे सकता.

मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाने पर आपत्ति
जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि भूमि से जुड़े विवाद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाना उचित नहीं है. अदालत ने बतौर पक्षकार मुख्यमंत्री का नाम हटाने के भी आदेश दिए. सीजे संजय के. अग्रवाल और जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने बांके बिहारी सैनी व अन्य की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.

डीग की जमीन को लेकर है विवाद
अपील में अधिवक्ता सतीश चंद्र पचौरी ने अदालत को बताया कि डीग में खसरा नंबर 2707 की कुल 2.86 हेक्टेयर जमीन में से 0.80 हेक्टेयर भूमि पर अपीलार्थी अपना स्वामित्व बताते हैं. उनके अनुसार रोडवेज की ओर से इस जमीन पर हाल्ट बस स्टैंड का निर्माण किया गया और उसका शुभारंभ भी कर दिया गया.

अपीलार्थियों की ओर से मांग की गई कि राज्य सरकार और रोडवेज को निर्देश दिए जाएं कि बस स्टैंड के रूप में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए और जमीन को उसकी मूल स्थिति में बहाल किया जाए.

एकलपीठ में भी उठाया था मामला
अपील में बताया गया कि अपीलार्थी ने रोडवेज की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर की थी. हालांकि, एकलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया था. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि राजस्व भूमि के स्वामित्व से संबंधित विवाद का निपटारा राजस्व अदालत के समक्ष किया जाना है. ऐसे में इस मामले में याचिका को स्वीकार नहीं किया जा सकता.

इसके बाद अपीलार्थियों ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ के समक्ष अपील दायर की. अपील में मांग की गई कि एकलपीठ के आदेश को रद्द किया जाए और अपीलार्थी की भूमि से बस स्टैंड को हटाने के निर्देश दिए जाएं.

हाईकोर्ट ने स्वामित्व विवाद पर क्या कहा
मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि रोडवेज इस स्थान पर बस स्टैंड का निर्माण कर चुका है. वहीं अपीलार्थी इस भूमि पर अपना स्वामित्व स्थापित करने में सफल नहीं रहे हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि भूमि के स्वामित्व का विवाद राजस्व अदालत या सिविल कोर्ट के समक्ष उठाया जा सकता है.

खंडपीठ ने अपीलार्थियों को राजस्व या सिविल न्यायालय के समक्ष अपना स्वामित्व स्थापित करने के लिए स्वतंत्र रखा. हाईकोर्ट ने इसी आधार पर दायर अपील को खारिज कर दिया. साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पक्षकार बनाने पर आपत्ति जताते हुए उनका नाम पक्षकारों की सूची से हटाने के आदेश दिए.
 

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लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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