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विदेशी डिग्री, फर्जी सर्टिफिकेट: राजस्थान SOG के रडार पर 100 फर्जी डॉक्टरों का नेटवर्क, 4 और डॉक्टर गिरफ्तार

राजस्थान में फर्जी FMG स्क्रीनिंग परीक्षा सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में SOG ने चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि विदेश से MBBS करने वाले इन लोगों ने परीक्षा पास किए बिना 27 से 30 लाख रुपये तक देकर फर्जी सर्टिफिकेट हासिल किए. इन सर्टिफिकेट के आधार पर दौसा, धौलपुर, जयपुर और अलवर के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की गई. मामले में अब तक 100 से ज्यादा लोगों को चिह्नित किया गया है, जबकि कुल 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

Written By Vishnu Prakash Sharma
Published: Oct 15, 2026, 04:16 PM IST | Updated: Oct 16, 2026, 01:45 PM IST
Image Credit: चार आरोपी, चार कनेक्शन
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Rajasthan Crime: विदेश से MBBS की डिग्री ली लेकिन भारत में डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी परीक्षा पास नहीं कर पाए तो कथित तौर पर शॉर्टकट का रास्ता चुना. लाखों रुपये खर्च किए और FMG स्क्रीनिंग परीक्षा का फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लिया. इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने और मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने  का मामला सामने आता जा रहा है. SOG ने इस मामले में चार और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. अब तक 100 से ज्यादा लोगों को चिह्नित किया जा चुका है और 33 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.

फर्जी सर्टिफिकेट से इंटर्नशिप 
राजस्थान में फर्जी FMG सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में SOG ने बड़ा एक्शन लिया है. विदेश से MBBS करने वाले चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने FMG स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं की लेकिन परीक्षा का कूटरचित सर्टिफिकेट हासिल कर लिया. इसी के आधार पर राजस्थान के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया. SOG के मुताबिक, इस पूरे मामले में फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कराने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है. 

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फर्जी FMG सर्टिफिकेट का मामला
विदेश से MBBS करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार
20 से 30 लाख रुपये तक देने का आरोप
100 से ज्यादा संदिग्ध चिह्नित
पहले 33 आरोपी हो चुके गिरफ्तार

कौन है आरोपी और कहां के निवासी? 
गिरफ्तार आरोपियों में 26 वर्षीय भरत भूषण शर्मा पुराना बस स्टैंड निवासी डीग , 29 वर्षीय वैर निवासी सौरव शर्मा, 26 वर्षीय हलैना भरतपुर निवासी हिमांशु शर्मा और 28 वर्षीय पहाड़ी डीग निवासी शिवम चौधरी शामिल हैं. सौरव और हिमांशु दोनों मामा-बुआ के भाई हैं.

कहां से की MBBS, कहां की इंटर्नशिप ?  
SOG की जांच के अनुसार, भरत भूषण ने किरगिस्तान से 2022 में MBBS किया जबकि सौरव ने और हिमांशु ने 2017 से 2023  रूस से मेडिकल की पढ़ाई की. शिवम चौधरी ने 2016 से 2021 कजाकिस्तान से MBBS किया. आरोप है कि FMG स्क्रीनिंग परीक्षा में सफल नहीं होने के बावजूद इन लोगों ने कथित तौर पर फर्जी सर्टिफिकेट हासिल किए. भरत भूषण ने दौसा मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप की, सौरव शर्मा ने धौलपुर मेडिकल कॉलेज से, हिमांशु शर्मा ने जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज से जबकि शिवम चौधरी ने अलवर मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप की. SOG के मुताबिक, इन आरोपियों ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन भी किया था.

चार आरोपी, चार कनेक्शन

लाखों रुपये देकर बनवाए सर्टिफिकेट 
SOG की जांच में सामने आया कि भरत भूषण ने FMG स्क्रीनिंग परीक्षा कई बार दी, लेकिन सफल नहीं हुआ. आरोप है कि इसके बाद उसने शुभम गुर्जर के माध्यम से 30 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया. वहीं, सौरव शर्मा पर आरोप है कि उसने बैर निवासी गजेंद्र के माध्यम से 27 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट हासिल किया.

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हिमांशु शर्मा पर भी गजेंद्र के जरिए 27 लाख रुपये में सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप है जबकि शिवम चौधरी ने कथित तौर पर 30 लाख रुपये देकर फर्जी सर्टिफिकेट हासिल किया. SOG के मुताबिक, इन सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई. मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

RMC के तत्कालीन रजिस्ट्रार समेत गिरफ्तारियां 
इस मामले की जांच SOG के उपाधीक्षक जितेंद्र नावरिया कर रहे हैं. जांच में विदेश से MBBS करने वाले 100 से ज्यादा लोगों को चिह्नित किया जा चुका है. SOG के अनुसार, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन और मुख्य आरोपी भानाराम माली सहित कई लोगों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुलिस के मुताबिक, भानाराम माली, शुभम गुर्जर, इंद्रराज गुर्जर और अन्य लोगों पर कथित तौर पर फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए रकम लेने के आरोप हैं. SOG का कहना है कि मामले में अब तक कुल 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. चार नए आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है.

फिलहाल SOG गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी FMG सर्टिफिकेट तैयार कराने और उनके आधार पर इंटर्नशिप व रजिस्ट्रेशन कराने के नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है? जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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