राजस्थान में शराब से कमाई का लक्ष्य अधूरा: 1750 करोड़ में से अब तक मिले सिर्फ 969 करोड़
राजस्थान के आबकारी विभाग को अक्टूबर में 1750 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है. 21 अक्टूबर तक 969.59 करोड़ रुपये मिले हैं. लक्ष्य पूरा करने के लिए रोजाना 78 करोड़ रुपये जुटाने की चुनौती है, जबकि ठेकेदारों के विरोध की आशंका भी बनी हुई है.
राजस्थान में आबकारी विभाग के सामने अक्टूबर महीने का राजस्व लक्ष्य पूरा करना चुनौती बन गया है. निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रहे विभाग ने अब जिलों की प्रतिदिन की कमाई पर निगरानी बढ़ा दी है. आबकारी आयुक्त नमित मेहता जिला और सर्किल स्तर पर राजस्व की समीक्षा कर रहे हैं. विभाग ने बचे हुए दिनों में लक्ष्य के करीब पहुंचने के लिए रोजाना 78 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
1750 करोड़ के लक्ष्य में अब तक 969.59 करोड़ की कमाई
आबकारी विभाग को अक्टूबर 2026 में कुल 1750 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर तक 969.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. यह मासिक लक्ष्य का 55.41 प्रतिशत है. ऐसे में लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग को अभी करीब 780 करोड़ रुपये और जुटाने हैं.
राजस्व प्राप्ति की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने जिलों की प्रगति पर नजर रखना शुरू कर दिया है. प्रतिदिन के प्रदर्शन की समीक्षा के जरिए उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां राजस्व लक्ष्य की तुलना में कम कमाई हुई है.
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देशी शराब के कोटे और खपत में गिरावट से बढ़ी परेशानी
आबकारी विभाग के सामने राजस्व में कमी के कई कारण बताए जा रहे हैं. देशी शराब में 40 यूपी का कोटा निर्धारित किए जाने के बाद ठेकेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है. इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में शराब की खपत कम होने और सीमावर्ती जिलों में ट्रांसफर अधिक होने से भी राजस्व प्रभावित हो रहा है.
इन परिस्थितियों का असर कई प्रमुख जिलों की राजस्व स्थिति पर पड़ा है. राजधानी जयपुर में भी विभाग को लक्ष्य हासिल करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. नवरात्रि के दौरान शराब की लिफ्टिंग में आई गिरावट ने भी राजस्व प्राप्ति की रफ्तार को प्रभावित किया है.
अजमेर जोन सबसे आगे, कोटा की स्थिति सबसे पीछे
21 अक्टूबर तक के आंकड़ों में अजमेर जोन राजस्व प्राप्ति के मामले में पहले स्थान पर है. वहीं कोटा जोन सातवें स्थान पर है. विभिन्न जोन की स्थिति इस प्रकार है.
अजमेर जोन: 217.63 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 136.23 करोड़ रुपये की प्राप्ति.
जोधपुर जोन: 345.74 करोड़ के लक्ष्य में से 203.70 करोड़ रुपये हासिल.
उदयपुर जोन: 263.04 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 143.83 करोड़ रुपये की कमाई.
बीकानेर जोन: 187.43 करोड़ के लक्ष्य में से 101.68 करोड़ रुपये प्राप्त.
जयपुर जोन: 507.74 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 270.05 करोड़ रुपये की प्राप्ति.
भरतपुर जोन: 97.90 करोड़ के लक्ष्य में से 49.81 करोड़ रुपये हासिल.
कोटा जोन: 130.53 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 64.28 करोड़ रुपये की प्राप्ति.
26 अक्टूबर से ठेकेदारों के विरोध की आशंका
राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग ने प्रतिदिन 78 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है. आयुक्त नमित मेहता नियमित रूप से जिलों और सर्किलों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं. हालांकि, 26 अक्टूबर से ठेकेदारों के प्रस्तावित विरोध और शराब की लिफ्टिंग में गिरावट को देखते हुए लक्ष्य हासिल करने को लेकर संशय बना हुआ है. आने वाले दिनों में राजस्व की रफ्तार यह तय करेगी कि विभाग मासिक लक्ष्य के कितना करीब पहुंच पाता है.