राजस्थान आबकारी विभाग के राजस्व में 22 फीसदी ग्रोथ: सितंबर में 1605 करोड़ रुपये की कमाई, ये जिला रहा अव्वल
Rajasthan Excise Department: राजस्थान आबकारी विभाग ने सितंबर 2026 में 1605.31 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो निर्धारित 1665 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 96.41 फीसदी है. सितंबर 2025 के 1308.19 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार राजस्व में 297.12 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और 22.71 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई.
Rajasthan Excise Department: राजस्थान आबकारी विभाग ने सितंबर माह में राजस्व अर्जन के लिहाज से रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है. आबकारी विभाग ने पिछले साल सितंबर की तुलना में करीब 23 फीसदी की राजस्व ग्रोथ अर्जित की है. इसे सितंबर माह में विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. ज्ञात हो कि राजस्थान में मयखानों और मधुशालाओं से जुड़े महकमे का प्रदर्शन रिकॉर्ड स्तर पर रहा है.
आबकारी विभाग को राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष में 21 हजार करोड़ का राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया है. विभागीय अधिकारी राजस्व के इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में जुटे हुए हैं. सितंबर माह के आंकड़ों ने विभागीय अधिकारियों को राहत देने का कार्य किया है. दरअसल, विभाग ने सितंबर माह के लक्ष्य के विपरीत 96 फीसदी से अधिक राजस्व प्राप्त किया है.
राज्य सरकार ने सितंबर महीने में आबकारी विभाग को 1665 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य दिया था. इसके विपरीत आबकारी विभाग ने सितंबर महीने में 1605.31 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है. यानी लक्ष्य की तुलना में आबकारी विभाग का प्रदर्शन 96.41 प्रतिशत रहा है. हालांकि विभाग के कुछ जिलों में परफॉर्मेंस चिंताजनक बनी हुई है. विभाग के 18 जिले ऐसे हैं, जिनका राजस्व प्रदर्शन विभागीय औसत से भी कम रहा है.
सितंबर में यह रही राजस्व अर्जन की स्थिति
डूंगरपुर जिला अव्वल- 126.80 फीसदी राजस्व अर्जित, करौली दूसरे स्थान पर- 107.13 फीसदी राजस्व अर्जित किया. झुंझुनू तीसरे नंबर पर- 106.19 फीसदी राजस्व अर्जित किया. जैसलमेर चौथे पर- 105.96 फीसदी राजस्व अर्जित किया. नागौर 5वें स्थान पर- 104.79 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया. जयपुर शहर 24वें नंबर पर- 92.63 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया. झालावाड़, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ बॉटम 3 में है. प्रतापगढ़ जिले ने लक्ष्य का महज 71.12 प्रतिशत राजस्व अर्जित किया.
आयुक्त और वित्त सचिव राजस्व की अहम भूमिका
आबकारी विभाग का राजस्व बढ़ने के पीछे उच्चाधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड अधिकारियों की कड़ी मेहनत रही है. आबकारी आयुक्त नमित मेहता लगातार हर जिला और जोन की समीक्षा बैठक लेते रहे हैं. उनके साथ ही वित्त सचिव राजस्व कुमारपाल गौतम की भी अहम भूमिका मानी जा रही है. दरअसल गौतम करीब 3 साल पहले आबकारी आयुक्त रहे हैं. ऐसे में उनके अनुभव से विभाग को राजस्व बढ़ाने में मदद मिल पा रही है.
पिछले साल से कैसे बढ़ा राजस्व
सितंबर 2025 में आबकारी विभाग का राजस्व 1308.19 करोड़, सितंबर 2026 में विभाग ने 1605.31 करोड़ राजस्व जुटाया. पिछले साल सितंबर की तुलना में 297.12 करोड़ राजस्व अधिक है. पिछले साल की तुलना में 22.71 फीसदी की ग्रोथ रही. डूंगरपुर, सिरोही और करौली टॉप 3 जिले रहे. वहीं बूंदी, झालावाड़ और बारां 3 जिले नीचे रहे. जयपुर शहर 24वें नंबर पर रहा. पिछले साल से 17.48 प्रतिशत ग्रोथ है.
अभियान में सवा 2 करोड़ की अवैध शराब जब्त
आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने विभाग में आबकारी निरोधक दल की भूमिका को भी बढ़ाया है. विभाग ने सितंबर माह में विशेष निरोधात्मक अभियान चलाकर अवैध शराब को कम करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है. विभाग ने अभियान के दौरान 2 करोड़ 22 लाख रुपए मूल्य की अवैध शराब को जब्त किया, जिससे विभाग के राजस्व को बढ़ाने में सफलता मिली है. अब विभाग को उम्मीद है कि अक्टूबर और नवंबर में त्यौहारी सीजन में राजस्व को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा.