SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

राजस्थान कांग्रेस में दो पूर्व MLA की घर वापसी ! डोटासरा ने साधे राजनीतिक समीकरण

राजस्थान कांग्रेस में खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की वापसी को महज दो पूर्व विधायकों की घर वापसी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इस कदम के पीछे संगठन को मजबूत करने, पुराने राजनीतिक चेहरों को फिर से साथ लाने और आगामी चुनावों के लिहाज से राजनीतिक समीकरण साधने की रणनीति नजर आ रही है, हालांकि, इन दोनों नेताओं की वापसी कांग्रेस के लिए जितनी संभावनाएं लेकर आई है, उतनी ही चुनौतियां भी खड़ी कर सकती है.

Reported By Ashutosh Sharma
Published: Nov 06, 2026, 12:12 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 12:21 PM IST
Image Credit: rajasthan congress dotasra welcomes ex mlas khiladi lal bairwa ramchandra saradhna
Join

दोनों पूर्व विधायक 2023 विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कांग्रेस से अलग हुए थे. खिलाड़ी लाल बैरवा ने बसेड़ी से निर्दलीय चुनाव लड़कर पार्टी के खिलाफ बगावत की थी, जबकि रामचंद्र सराधना ने विराटनगर से आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. अब दोनों नेताओं की कांग्रेस में वापसी से पार्टी की राजस्थान राजनीति में पुराने नेताओं को फिर से जोड़ने की कोशिश को नई दिशा मिली है.

टिकट विवाद से शुरू हुई दूरी, अब फिर कांग्रेस के साथ
खिलाड़ी लाल बैरवा की कांग्रेस से दूरी का प्रमुख कारण 2023 विधानसभा चुनाव में टिकट कटना रहा. बसेड़ी से कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर संजय जाटव को उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद बैरवा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया और पार्टी से निष्कासित हो गए. बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा, लेकिन वहां भी उनका राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. बीजेपी छोड़ने के बाद अब कांग्रेस में उनकी वापसी हुई है. दूसरी ओर रामचंद्र सराधना भी टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर कांग्रेस से अलग हुए थे. उन्होंने आजाद समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा. ऐसे में दोनों नेताओं की वापसी कांग्रेस के लिए पुराने राजनीतिक संबंधों को दोबारा मजबूत करने का अवसर है.

बागियों की वापसी से कांग्रेस को क्या मिलेगा ?
राजनीतिक रूप से कांग्रेस का यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण है. पहला, पार्टी उन नेताओं को फिर से अपने साथ जोड़ रही है, जिनकी अपने क्षेत्रों में राजनीतिक पहचान और कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क रहा है. दूसरा, कांग्रेस ये संदेश देना चाहती है कि चुनावी नाराजगी के बाद पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के लिए वापसी के रास्ते बंद नहीं हैं. तीसरा, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती कांग्रेस की प्राथमिकता हो सकती है. ऐसे में क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेताओं को जोड़ना पार्टी के लिए राजनीतिक लाभ का अवसर बन सकता है. हालांकि, केवल नेताओं की वापसी से चुनावी मजबूती सुनिश्चित नहीं होती. इसके लिए स्थानीय संगठन, कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी होगा.

वापसी से स्थानीय कांग्रेस में बढ़ सकती है चुनौती
दोनों नेताओं की वापसी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय स्तर पर विरोध रहा है. रामचंद्र सराधना की वापसी को लेकर विराटनगर में इंद्राज गुर्जर और उनके समर्थकों की नाराजगी सामने आई थी. वहीं खिलाड़ी लाल बैरवा की वापसी को लेकर बसेड़ी में संजय जाटव और उनके समर्थकों ने विरोध जताया था. स्थानीय नेताओं की नाराजगी का आधार यह रहा कि चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ जाने वाले नेताओं को वापस लेने से उन कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में कांग्रेस का साथ दिया. ऐसे में डोटासरा के सामने अब केवल दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय संगठन में संतुलन बनाए रखना भी बड़ी चुनौती होगी.

डोटासरा की रणनीति, आगे की परीक्षा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के फैसले को राजनीतिक लचीलापन और संगठन विस्तार की रणनीति के रूप में देखा जा सकता ह.। पार्टी नेतृत्व के लिए यह जरूरी है कि पुराने नेताओं की वापसी से संगठन में नई ऊर्जा आए और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संघर्ष मजबूत हो. लेकिन कांग्रेस के लिए असली परीक्षा अब शुरू होगी. खिलाड़ी लाल बैरवा और रामचंद्र सराधना की वापसी से पार्टी को कितना फायदा मिलता है, स्थानीय विरोध किस तरह शांत होता है और दोनों नेता संगठन में किस भूमिका में सक्रिय होते हैं, ये आने वाले समय में तय करेगा कि यह फैसला कांग्रेस के लिए कितना सफल साबित होता है.

कुल मिलाकर, राजस्थान कांग्रेस ने बागियों की वापसी के जरिए संगठन को मजबूत करने की पहल की है. अब सवाल ये है कि क्या यह घर वापसी कांग्रेस के लिए राजनीतिक ताकत बनेगी या स्थानीय गुटबाजी की नई चुनौती खड़ी करेगी.

 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES