पुलिस से बचने के लिए पाले थे 8 कुत्ते: फिर भी नवरात्र की एक भूल ने पहुंचा दिया सीधा सलाखों के पीछे
Jaipur News: राजस्थान के बाड़मेर में एएनटीएफ ने तीन साल से फरार एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कंवराराम को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, वह आठ कुत्तों से घर की निगरानी कराता था और नेपाल भागने की तैयारी में था. नवरात्र में घर आने पर उसे पकड़ा गया.
Jaipur News: राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में वांछित एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कंवराराम को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने गिरफ्तार कर लिया है. करीब तीन साल से पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी लंबे समय से फरार था. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, मारपीट और मादक पदार्थों की तस्करी समेत 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी है. आरोपी को पकड़ने के लिए एएनटीएफ ने ऑपरेशन विषकपिल चलाया. आखिरकार नवरात्र के दौरान नागणेची माताजी की पूजा करने घर पहुंचना उसकी गिरफ्तारी की वजह बन गया.
ऑपरेशन विषकपिल के तहत एएनटीएफ की कार्रवाई
एएनटीएफ ने बाड़मेर में कार्रवाई करते हुए कंवराराम को उसके घर से पकड़ा. एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के मुताबिक, आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी. लगातार ठिकाने बदलने और अलग-अलग राज्यों में शरण लेने के कारण उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी.
पुलिस को सूचना मिली थी कि कंवराराम नागणेची माताजी का भक्त है और नवरात्र के दौरान पूजा-अर्चना करने अपने घर आ सकता है. इस जानकारी के बाद टीम ने उसके घर के आसपास गुप्त निगरानी शुरू की. आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि होने पर एएनटीएफ ने दबिश दी और उसे पूजा करते समय पकड़ लिया.
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आठ कुत्तों के जरिए घर के आसपास रखता था नजर
पुलिस से बचने के लिए कंवराराम ने अपने घर के आसपास विशेष इंतजाम कर रखे थे. बताया जा रहा है कि उसने घर के आसपास आठ कुत्ते पाल रखे थे, ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी का पता चल सके. किसी अनजान व्यक्ति के पहुंचने पर कुत्ते भौंकने लगते थे, जिससे आरोपी सतर्क हो जाता था.
इस व्यवस्था के जरिए वह संभावित पुलिस दबिश की भनक पहले ही लगने की उम्मीद रखता था. पुलिस से बचने के लिए उसने फरारी के दौरान कई तरह के इंतजाम किए, लेकिन नवरात्र में घर आने के बाद उसकी पहचान और गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया.
पेट्रोल पंप पर नौकरी से शुरू हुआ सफर
कंवराराम ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, लेकिन इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी. शुरुआती दिनों में उसने पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में काम किया और फिर वाहन चलाने लगा. इसी दौरान वर्ष 2010 में उसके खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज हुआ.
इसके बाद वर्ष 2013 में हत्या का प्रकरण सामने आया. इस मामले में उसे जेल जाना पड़ा और करीब चार साल बाद जमानत मिली. हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद भी उसका नाम आपराधिक गतिविधियों से जुड़ता रहा.
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शराब के कारोबार से मादक पदार्थों की तस्करी तक
पुलिस के मुताबिक, कंवराराम ने इसके बाद अवैध शराब के कारोबार में भी हाथ आजमाया. वह राजस्थान से शराब लेकर गुजरात में सप्लाई करने लगा. इस कारोबार में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने और साझेदार के साथ अनबन होने के बाद वह वापस बाड़मेर लौट आया. इसी दौरान उसका संपर्क मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों से हुआ. इसके बाद वह मध्यप्रदेश और दक्षिण राजस्थान से अवैध मादक पदार्थ खरीदकर मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई करने लगा.
कई मामलों में नाम आने के बाद हुआ फरार
वर्ष 2018 में कंवराराम मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में डोडा-पोस्त से जुड़े एनडीपीएस मामले में पकड़ा गया था. इस मामले में उसने करीब 27 महीने जेल में बिताए. दिसंबर 2021 में छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़ में डोडा-पोस्त से जुड़े एक अन्य मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई. वर्ष 2023 में पाली जिले के बाली थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. लगातार आपराधिक मामलों में नाम सामने आने के बाद वह फरार रहने लगा.
नेपाल भागने की तैयारी में था आरोपी
पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान कंवराराम राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अलग-अलग ठिकानों पर छिपता रहा. इस दौरान भी उसके मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े रहने की जानकारी सामने आई है. एएनटीएफ के मुताबिक, आरोपी फरारी जारी रखने के लिए बैग तैयार कर चुका था और नेपाल जाने की तैयारी में था. हालांकि, वहां रवाना होने से पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया. कार्रवाई के बाद आरोपी को बाड़मेर के रीको थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.
अब पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों और फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों की पड़ताल कर सकती है. तीन साल तक गिरफ्तारी से बचने वाला एक लाख रुपये का इनामी आरोपी आखिरकार एएनटीएफ के हत्थे चढ़ गया. उसके आपराधिक संपर्कों और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच आगे की कार्रवाई का अहम हिस्सा हो सकती है.