राजस्थान के इन 10 शहरों में सांस लेना हुआ मुश्किल, जानिए आपके शहर का AQI
राजस्थान में 5 नवंबर को कई शहरों की हवा खराब दर्ज हुई. खैरथल में AQI 339 के साथ स्थिति सबसे चिंताजनक रही. सवाई माधोपुर, दौसा, बीकानेर और जैसलमेर समेत 10 शहरों में AQI 200 के पार रहा.
राजस्थान में सर्दी की शुरुआत के साथ कई शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. 5 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 10 शहरों में हवा की स्थिति खराब या बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई. इनमें खैरथल की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. यहां AQI 339 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. वहीं सवाई माधोपुर, दौसा और बीकानेर में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है.
खैरथल में सबसे ज्यादा प्रदूषण, AQI 339
AQI रिपोर्ट के अनुसार, खैरथल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 339 रहा. यह प्रदेश के दर्ज शहरों में सबसे अधिक है. यहां PM2.5 प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया. 301 से 400 के बीच AQI को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है. इस स्तर पर लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
इन शहरों में हवा की हालत खराब
प्रदेश के कई शहरों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया. सवाई माधोपुर में 286, दौसा में 253, बीकानेर में 252, जैसलमेर में 243, झुंझुनूं में 236, चूरू में 234, डीग में 215, नागौर में 210 और जालोर में 204 AQI दर्ज हुआ. ये सभी शहर खराब श्रेणी में शामिल हैं.
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जयपुर-जोधपुर समेत इन शहरों में भी प्रदूषण
राजधानी जयपुर में AQI 177 दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर में 183 और सीकर में 181 रहा. श्रीगंगानगर में 189, अलवर में 193, भरतपुर में 152, भीलवाड़ा में 134, उदयपुर में 163 और कोटा में 148 AQI दर्ज किया गया. ये शहर मध्यम श्रेणी में रहे. इसके अलावा बाड़मेर में 109, बारां में 107, डूंगरपुर में 103, झालावाड़ में 129, करौली में 172, पाली में 158, टोंक में 200 और चित्तौड़गढ़ में 165 AQI रहा.
वहीं अजमेर में 97, बांसवाड़ा में 100, कोटपूतली में 99, प्रतापगढ़ में 99, राजसमंद में 80 और सिरोही में 100 AQI दर्ज हुआ. ये शहर संतोषजनक श्रेणी में रहे.
खराब हवा में सेहत का रखें ध्यान
AQI के अनुसार 201 से 300 तक की रीडिंग खराब और 301 से 400 तक बहुत खराब मानी जाती है. खराब श्रेणी में लंबे समय तक रहने से ज्यादातर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. वहीं बहुत खराब हवा में लंबे समय तक रहने से श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं. ऐसे में प्रदूषण प्रभावित शहरों में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.