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North Western Railway: राजस्थान में रेलवे कर्मचारियों ने खाली पदों पर भर्ती, आउटसोर्सिंग बंद करने, पुरानी पेंशन बहाल करने और 8 घंटे की ड्यूटी जैसी 34 मांगें उठाई हैं. रेलवे में कर्मचारियों के पद लगातार खाली हो रहे हैं, लेकिन नई भर्ती करने के बजाय काम निजी एजेंसियों को सौंपा जा रहा है. ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन ने इसे ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए गंभीर खतरा बताया है. सवाल यह है कि जब रेलवे में नियमित कर्मचारियों की कमी है, तो खाली पद भरने के बजाय आउटसोर्सिंग पर निर्भरता क्यों बढ़ाई जा रही है.
मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे कर्मचारी संघ (Employees Union) ने रेलवे प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाया. प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी गई है कि कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 20 नवंबर से जयपुर सहित राजस्थान के चारों मंडलों और तीनों कारखानों में आंदोलन शुरू किया जाएगा. दरअसल यूनियन के 23वें वार्षिक अधिवेशन में उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर सहित विभिन्न मंडलों, कारखानों और यूनिटों के करीब 1500 पदाधिकारियों ने भाग लिया.
रेलवे में रिक्त पदों पर भर्तियां नहीं होने का दावा
अधिवेशन से पूर्व रेल कर्मचारियों ने एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा के आगमन स्वरूप रैली निकाली. अधिवेशन में कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर 34 सूत्रीय मांग पत्र पारित किया गया. 8 घंटे ड्यूटी की मांग, ट्रैकमेंटेनरों पर काम का दबाव
एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे में रिक्त हो रहे पदों के अनुपात में भर्तियां नहीं हो रही हैं.
लगातार बढ़ती आउटसोर्सिंग सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रेल संचालन के लिए नुकसानदायक है. यूनियन ने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की ड्यूटी 8 घंटे तक सीमित करने और मालगाड़ी रनिंग स्टाफ से 9 घंटे से अधिक काम नहीं लेने की मांग की. ट्रैकमेंटेनरों की पेट्रोलिंग दूरी 20 से घटाकर 12 किलोमीटर करने तथा विश्राम की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ.
बोनस की सीमा हटाओ, पुरानी पेंशन लागू करो
यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू करने, बोनस गणना की 7000 रुपए की सीमा समाप्त करने की मांग उठाई. इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की भी मांग उठाई. इसके अलावा कैडर रिस्ट्रक्चरिंग, समयबद्ध पदोन्नति, अंतर मंडलीय स्थानांतरण और रेलवे अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग भी की गई. कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को जल्द लागू करने की मांग उठाई.