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वसुंधरा राजे सरकार में रहे थे जिला प्रमुख
पृथ्वीराज मील वसुंधरा राजे सरकार के दौरान बीजेपी में थे और श्रीगंगानगर के जिला प्रमुख रह चुके हैं. इसके बाद उन्होंने बीजेपी छोड़ दी थी. पिछले 15 साल में उन्होंने कुछ समय राजनीति से दूरी भी बनाए रखी. इस दौरान वो जेजेपी और कांग्रेस में भी शामिल हुए.
कांग्रेस में कद्र नहीं मिलने का किया जिक्र
पृथ्वीराज मील का कहना है कि कांग्रेस में उन्हें वह कद्र नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. इसी वजह से अब वह बीजेपी में घर वापसी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक उत्पत्ति बीजेपी से ही हुई है और उनकी विचारधारा भी बीजेपी से जुड़ी हुई है.

कुलजीत सिंह चहल की पहल पर वापसी
पृथ्वीराज मील की बीजेपी में वापसी में प्रदेश सह प्रभारी कुलजीत सिंह चहल की पहल अहम मानी जा रही है. मील ने कहा कि उनकी घर वापसी में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित पार्टी के अन्य नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि वो पार्टी से जुड़ना चाहते थे, क्योंकि उनकी विचारधारा बीजेपी से जुड़ी हुई है.
पंचायत चुनाव के बीच जॉइनिंग के सियासी मायने
राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच पृथ्वीराज मील की बीजेपी में वापसी के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. चुनावी माहौल में पूर्व जिला प्रमुख के पार्टी में शामिल होने से बीजेपी को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है. वहीं, पृथ्वीराज मील के समर्थक भी बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होने का कार्यक्रम हुआ.
राजस्थान में जारी पंचायत चुनाव के घमासान के बीच पृथ्वीराज मील की ये 'घर वापसी' श्रीगंगानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बीजेपी के लिए कितना फायदेमंद होगा ये तो वक्त ही बताएगा. लेकिन जिला प्रमुख रह चुके मील के ग्रामीण इलाको में मजबूत पकड़ है और पंचायत चुनाव जैसे नजदीकी मुकाबलों में जहां एक एक वोट की अहमियत होती है, उनकी वापसी सीधे तौर पर कांग्रेस के स्थानीय वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा सकती है. चुनावी माहौल के इस ऐन वक्त पर उनके बीजेपी में शामिल होने से पार्टी का कैडर मजबूत हो सकता है, जिससे श्रीगंगानगर में पार्टी को फायदा मिल सकता है .