टोंक में 93 वोटों से बनीं सबसे छोटी पंचायत की पहली सरपंच, तो जयपुर से उदयपुर तक काउंटिंग के बाद बवाल
राजस्थान पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण में 3716 ग्राम पंचायतों के नतीजे देर रात तक आने के बाद आज उपसरपंच चुनाव है लेकिन इस बीच कई जगह से हंगामे की खबरें सामने आई.
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के तहत गुरुवार को 3716 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पद के लिए मतदान हुआ. देर रात नतीजे घोषित होने के बाद प्रदेश के कई जिलों से जबरदस्त जीत, मतगणना में गड़बड़ी के आरोप और भारी हंगामे की खबरें भी सामने आयी.
दिग्गजों के रिश्तेदारों की दिलचस्प जीत-हार
पूर्व CM वसुंधरा राजे के सलाहकार की पत्नी जीतीं- टोंक के देवली से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज की पत्नी ने सरपंच पद का चुनाव जीतकर परचम लहराया है
विधायक की चाची बनीं सरपंच: चित्तौड़गढ़ से विधायक चंद्रभान सिंह आक्या की चाची टम्मा कंवर ने भी जीत दर्ज की है.
विधायक के भाई की पत्नी हारीं: उदयपुर के खेरवाड़ा से कांग्रेस विधायक दयाराम परमार के भाई की पत्नी कमला परमार को सरपंच चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.
राजस्थान की सबसे छोटी पंचायत को मिली पहली सरपंच:
टोंक की देवली तहसील स्थित बीसलपुर (मात्र 294 कुल मतदाता) से नौसर देवी भील ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीना देवी मीणा को 93 वोटों से हराकर जीत हासिल की। नौसर देवी को कुल 151 वोट मिले.
कहां-कहां हुआ हंगामा ?
जयपुर (माधोराजपुरा - रेनवाल मांजी)
वजह: 10 प्रत्याशियों के बीच हुए कड़े मुकाबले के बाद देर रात नतीजे घोषित हुए. हारे हुए प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने मतगणना में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है.
प्रत्याशी और सैकड़ों समर्थक री-काउंटिंग की मांग को लेकर मतगणना स्थल के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई. मौके पर पुलिस बल तैनात है और समझाइश की.
उदयपुर (खेरवाड़ा - नवाघरा ग्राम पंचायत)
वजह: परिणाम घोषित होते ही पराजित प्रत्याशी के समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा.
आक्रोशित भीड़ ने मतगणना स्थल पर जमकर पथराव किया, गाड़ियों में तोड़फोड़ की और आगजनी कर दी। बावलवाडा पुलिस और अतिरिक्त बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया.
टोंक (पीपलू - रानोली ग्राम पंचायत)
वजह: सबसे ज्यादा 14 प्रत्याशियों वाली इस पंचायत में पड़े कुल वोटों से अधिक बैलेट पेपर मिलने और फर्जी मतदान का आरोप लगा है. चुनावी गड़बड़ी के दावों के बाद क्षेत्र पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. भारी पुलिस जाब्ता तैनात है और ग्रामीण उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
भरतपुर (बयाना - दर्र बराहना ग्राम पंचायत)
वजह: मतगणना प्रक्रिया के दौरान वोटों की गिनती पर विवाद हुआ. विपक्षी प्रत्याशी के समर्थकों ने कम वोट गिनने का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया.