झाड़ियों से चीख-चीखकर रोने की आवाज: कचरे के ढेर का मंजर देख सिहर उठे लोग
Rajaldesar newborn: चूरू जिले के राजलदेसर में भावनदेसर रोड के पास झाड़ियों और कचरे के ढेर में एक नवजात शिशु मिला. सड़क से गुजर रहे लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला. सूचना पर पुलिस भी पहुंची और नवजात को राजलदेसर चिकित्सालय ले जाया गया.
Churu news: चूरू जिले के राजलदेसर में भावनदेसर रोड पर वार्ड संख्या 26-27 के पास गुरुवार सुबह एक नवजात शिशु झाड़ियों और कचरे के ढेर में पड़ा मिला. बच्चे के रोने की आवाज सुनकर सड़क से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों की तरफ जाकर देखा तो वहां कचरे के बीच नवजात दिखाई दिया. नवजात को इस हालत में देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए. कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.
रोने की आवाज सुनकर लोगों ने बचाया
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय झाड़ियों की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी थी. आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे तो नवजात कचरे और झाड़ियों के बीच पड़ा मिला. लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पार्षद सुभाष वाल्मीकि, पूर्व पार्षद मिर्जाराम मेघवाल, पूर्व पार्षद ताराचंद वाल्मीकि और पन्नालाल पंवार ठेकेदार भी मौके पर पहुंचे.
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में नवजात को तत्काल राजलदेसर चिकित्सालय ले जाया गया. यहां चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की और उपचार शुरू किया. एएसआई रोशनलाल के अनुसार, प्रारंभिक जांच में नवजात की हालत ठीक बताई गई है. हालांकि, उसके शरीर पर हल्के चोट के निशान भी बताए गए हैं. चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का उपचार किया जा रहा है.
बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजने की तैयारी
चिकित्सकों की ओर से आवश्यक जांच और बेहतर उपचार के लिए नवजात को हायर सेंटर भेजा जा रहा है. समय रहते लोगों की नजर नवजात पर पड़ जाने और उसे अस्पताल पहुंचाए जाने से उसका उपचार शुरू हो सका.
बच्चे को यहां कौन छोड़ गया, जांच में जुटी पुलिस
झाड़ियों और कचरे के बीच नवजात के मिलने की घटना के बाद राजलदेसर में चर्चा का माहौल है. स्थानीय लोगों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर बच्चे को यहां छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाने और घटना की सच्चाई सामने लाने की मांग की है. पुलिस ने मामले को लेकर जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात को झाड़ियों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा था.