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महिला मजदूर की मौत के बाद एक्शन,नाहरगढ़ पार्क में टाइगर-लायन सफारी बंद, अब अधिकारियों के अगले आदेश का इंतजार

Nahargarh Biological Park: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर अटैक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. आगामी आदेश तक टाइगर और लायन सफारी बंद रहेगी. CWLW अरुण प्रसाद ने अधिकारियों के साथ पार्क का दौरा कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. वहीं, हमले के बाद टाइगर शिवाजी को कुछ दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है.

Written By Ansh Raj
Published: Sep 04, 2026, 12:15 PM IST | Updated: Sep 04, 2026, 03:12 PM IST
Image Credit: Jaipur
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Jaipur News: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर अटैक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. आगामी आदेश तक पार्क में टाइगर और लायन सफारी बंद रहेगी. CWLW अरुण प्रसाद ने अधिकारियों के साथ पार्क का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया. वहीं, हमले के बाद टाइगर शिवाजी को कुछ दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है.


हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जगह बाघ जैसे खतरनाक वन्यजीव मौजूद हैं, वहां कर्मचारियों के काम करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता थी. घटना में यह भी सामने आया कि एक वनकर्मी ने टाइगर को बड़े बाड़े में छोड़ दिया, जबकि वहां सफाईकर्मी महिलाएं मौजूद थीं. इसके बाद टाइगर ने सुगना पर हमला कर दिया.


CZA के रिकॉर्ड में पहले भी कमियां
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण यानी CZA नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को मान्यता प्राप्त चिड़ियाघर के तौर पर सूचीबद्ध करता है. CZA की वेबसाइट पर पार्क की अलग-अलग वर्षों की रिपोर्ट भी उपलब्ध हैं. CZA से जुड़े पुराने रिकॉर्ड में पार्क की स्टाफिंग व्यवस्था को लेकर भी कमियां दर्ज की गई थीं. उपलब्ध रिकॉर्ड में Biologist और Education Officer जैसे पदों की कमी का उल्लेख मिलता है. ऐसे में अब टाइगर अटैक के बाद पार्क में कर्मचारियों की सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन व्यवस्था पर दोबारा चर्चा शुरू हो गई है.


7 महीने पुरानी रिपोर्ट का दावा कितना सही?
दावा है कि घटना से करीब सात महीने पहले CZA ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी. इसमें Disaster Management Plan नहीं होने, ट्रेनिंग और Mock Drill नहीं होने, Public Announcement System और Fire Alarm जैसी व्यवस्थाओं की कमी का जिक्र होने की बात कही जा रही है.

 

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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