महिला मजदूर की मौत के बाद एक्शन,नाहरगढ़ पार्क में टाइगर-लायन सफारी बंद, अब अधिकारियों के अगले आदेश का इंतजार
Nahargarh Biological Park: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर अटैक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. आगामी आदेश तक टाइगर और लायन सफारी बंद रहेगी. CWLW अरुण प्रसाद ने अधिकारियों के साथ पार्क का दौरा कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. वहीं, हमले के बाद टाइगर शिवाजी को कुछ दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है.
Jaipur News: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर अटैक के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. आगामी आदेश तक पार्क में टाइगर और लायन सफारी बंद रहेगी. CWLW अरुण प्रसाद ने अधिकारियों के साथ पार्क का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया. वहीं, हमले के बाद टाइगर शिवाजी को कुछ दिनों के लिए क्वारन्टीन किया गया है.
हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जगह बाघ जैसे खतरनाक वन्यजीव मौजूद हैं, वहां कर्मचारियों के काम करने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कितनी पुख्ता थी. घटना में यह भी सामने आया कि एक वनकर्मी ने टाइगर को बड़े बाड़े में छोड़ दिया, जबकि वहां सफाईकर्मी महिलाएं मौजूद थीं. इसके बाद टाइगर ने सुगना पर हमला कर दिया.
CZA के रिकॉर्ड में पहले भी कमियां
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण यानी CZA नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को मान्यता प्राप्त चिड़ियाघर के तौर पर सूचीबद्ध करता है. CZA की वेबसाइट पर पार्क की अलग-अलग वर्षों की रिपोर्ट भी उपलब्ध हैं. CZA से जुड़े पुराने रिकॉर्ड में पार्क की स्टाफिंग व्यवस्था को लेकर भी कमियां दर्ज की गई थीं. उपलब्ध रिकॉर्ड में Biologist और Education Officer जैसे पदों की कमी का उल्लेख मिलता है. ऐसे में अब टाइगर अटैक के बाद पार्क में कर्मचारियों की सुरक्षा और वन्यजीव प्रबंधन व्यवस्था पर दोबारा चर्चा शुरू हो गई है.
7 महीने पुरानी रिपोर्ट का दावा कितना सही?
दावा है कि घटना से करीब सात महीने पहले CZA ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी. इसमें Disaster Management Plan नहीं होने, ट्रेनिंग और Mock Drill नहीं होने, Public Announcement System और Fire Alarm जैसी व्यवस्थाओं की कमी का जिक्र होने की बात कही जा रही है.