नागौर में बड़ा हादसा: पोटेशियम नाइट्रेट गोदाम में जोरदार ब्लास्ट, अंदर कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
नागौर में पोटेशियम नाइट्रेट के गोदाम में अज्ञात कारणों से ब्लास्ट के बाद आग लग गई. गोदाम में मजदूर होने की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची.
नागौर में पोटेशियम नाइट्रेट के एक गोदाम में आग लगने और ब्लास्ट होने की घटना सामने आई है. अज्ञात कारणों के चलते गोदाम में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग लग गई. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना के अनुसार, गोदाम में पोटेशियम नाइट्रेट से बारूद बनाने का काम किया जा रहा था.
गोदाम में मजदूर होने की सूचना
शहर में पोटेशियम नाइट्रेट के गोदाम में अचानक आग लगने के बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया. हादसे में दो युवकों की मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम में पोटेशियम नाइट्रेट से बारूद बनाने का काम किया जा रहा था. धमाका इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घटना की सूचना मिलते ही नागौर कोतवाली थाना पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. पुलिस और दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए. गोदाम में मजदूरों के मौजूद होने की भी सूचना सामने आई है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम संचालक के पास पटाखों का स्थाई लाइसेंस था. इसी के साथ गोदाम में पोटेशियम नाइट्रेट भी रखा हुआ था. इसी सामग्री से बारूद बनाने का काम किए जाने की बात सामने आई है. आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. हादसे में जान गंवाने वाले दोनो मृतक की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
पोटेशियम नाइट्रेट किस काम आता है? जानिए इसके उपयोग और सेहत से जुड़े खतरे
पोटेशियम नाइट्रेट एक रासायनिक यौगिक है, जिसका इस्तेमाल कृषि से लेकर खाद्य संरक्षण और कई औद्योगिक कार्यों में किया जाता है. इसे साल्टपीटर (Saltpetre) भी कहा जाता है. यह पोटेशियम और नाइट्रोजन का स्रोत होने के साथ एक मजबूत ऑक्सीडाइजिंग एजेंट भी है. हालांकि इसके कई उपयोग हैं, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह आग, विस्फोट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है.
पोटेशियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कहां होता है?
1. कृषि और उर्वरक: खेती में पोटेशियम नाइट्रेट का उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है. यह पौधों और फसलों को पोटेशियम और नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है, जो उनकी वृद्धि के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं.
2. पटाखे और गनपाउडर: इसका इस्तेमाल गनपाउडर (ब्लैक पाउडर), पटाखों, रॉकेट मोटर और आतिशबाजी से जुड़े उत्पादों में ऑक्सीडाइजर के रूप में होता है.
3. खाद्य संरक्षण: प्रोसेस्ड मीट जैसे सलामी और सॉसेज के संरक्षण में इसका उपयोग किया जाता है. यह रंग बनाए रखने और बैक्टीरिया की वृद्धि रोकने में मदद करता है. खाद्य क्षेत्र में इसे E252 के नाम से जाना जाता है.
4. दवाएं और टूथपेस्ट: संवेदनशील दांतों के लिए बनाए जाने वाले कुछ टूथपेस्ट में पोटेशियम नाइट्रेट मिलाया जाता है. यह दांतों की नसों की संवेदनशीलता और दर्द कम करने में मदद करता है.
5. औद्योगिक उपयोग: कांच निर्माण, धातुओं की प्रोसेसिंग और सोलर पावर प्लांट में हीट ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले मोल्टेन साल्ट में भी इसका उपयोग होता है.
पोटेशियम नाइट्रेट कितना खतरनाक है?
पोटेशियम नाइट्रेट एक मजबूत ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है. यह खुद आसानी से नहीं जलता, लेकिन ज्वलनशील पदार्थों के संपर्क में आने पर आग को तेजी से फैला सकता है. इसके संपर्क में आने से त्वचा और आंखों में जलन, खुजली और लालिमा हो सकती है. इसकी धूल या धुएं से खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है.
इसे अधिक मात्रा में निगलने पर पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शरीर में नाइट्रेट की अधिक मात्रा मेथेमोग्लोबिनेमिया का कारण बन सकती है. इससे खून की ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित होती है और होंठ व त्वचा नीली पड़ सकती है. यह स्थिति बच्चों के लिए विशेष रूप से गंभीर हो सकती है.
पोटेशियम नाइट्रेट से बचाव के तरीके
इसे हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखना चाहिए. इसके इस्तेमाल के दौरान दस्ताने, सुरक्षा चश्मा और उपयुक्त मास्क पहनना जरूरी है. इसे गर्म करने या अन्य रसायनों के साथ मिलाने से बचना चाहिए.