)
Rapperiya Baalam: मिर्जापुर द मूवी, रिलीज के दिन से ही चर्चा में है. फिल्म के क्लाइमेक्स में बजने वाले मशहूर राजस्थानी गीत 'शूरवीर' को लेकर गाने के राइटर और सिंगर रैपरिया बालम, ने जी मीडिया से बात करते हुए दो टूक लहेजे में कहा कि ये गीत राजस्थान की आन बान शान का प्रतीक है और जिस तरह से इसे फिल्म में दर्शाया गया है वो बहुत गलत है. गायक रैपरिया बालम बातचीत के अंश.
क्या शूरवीर गाने को लेकर विवाद खत्म हो गया है?
विवाद अभी बिल्कुल खत्म नहीं हुआ है. ये गीत मैंने महाराणा प्रताप पर लिखा था. लेकिन फिल्म में गीत की मूल भावना और ऐतिहासिक संदर्भ तक का ध्यान नहीं रखा गया.
शूरवीर को महाराणा प्रताप की शौर्यगाथा की तरह राजस्थान में देखा जाता है, लेकिन मूवी में जो दिखाया गया कैसा लगा आपको ?
हां बिल्कुल ये महाराणा प्रताप और देश के महापुरुषों पर आधारित है और इस बात का जिक्र उन्होंने गाने में भी किया है. इसे फिल्म में इस तरह पेश करना गलत है. मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा क्योंकि ये गीत राजस्थान की आन, बान और शान पर आधारित है.
आरोप लगाने वाले कहते हैं कि आपने पैसे और पब्लिसिटी के लिए ये सब किया ?
मैंने इसको लेकर इंस्टाग्राम पर दो लंबे वीडियो पोस्ट किए है. ये गाना रजिस्ट्रार ऑफ कॉपीराइट्स के पब्लिक डोमेन में उनके नाम से रजिस्टर्ड है और इसका लाइसेंस भी मेरे पास है. इस गीत को फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' में इस्तेमाल करने के लिए परमिशन नहीं ली गई थी. साथ ही उन्होंने अपनी आवाज, संगीत और कंपोजिशन को बिना अनुमति इस्तेमाल किए जाने की बात कही.
तो क्या म्यूजिक लेबल 'ट्रूपर रिकॉर्ड्स के साथ आपका कोई एग्रीमेंट नहीं था ?
म्यूजिक लेबल 'ट्रूपर रिकॉर्ड्स की बात पर उन्होंने कहा कि मेरा कोई एग्रीमेंट नहीं था. ये गाना मेरा है, मेरी आवाज है और सरकारी रिकार्ड में मेरे नाम से रजिस्टर्ड है. बता दें कि म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी किया था कि उन्होंने 'शूरवीर' को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था. इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट भी किया था.

क्या आपको अपनी कम्यूनिटी से कोई समर्थन मिल रहा है ?
उन्होंने कहा कि हां मुझे सभी का पूरा समर्थन मिल रहा है. ये एक कलाकार के हक की लड़ाई है. इस तरह इस गीत का इस्तेमाल करना गलत है. मैं न्याय के लिए आगे तक जाऊंगा.
आगे क्या शूरवीर सीरीज में और भी ऐसी ही शौर्यगाथा सुनने को मिलेगी?
हां बिल्कुल इस तरह की शौर्यगाथा आगे भी शूरवीर सीरीज में बनाई जाएंगी. शूरवीर सीरीज-2 महाराणा प्रताप और राजस्थान की शान को समर्पित है.
इस विवाद के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी रैपरिया बालम और उनके चर्चित गीत 'शूरवीर' को लेकर चर्चा तेज हो गई. बड़ी संख्या में दर्शक अब यह जानना चाहते हैं कि आखिर रैपरिया बालम कौन हैं और राजस्थानी संगीत की दुनिया में उनका क्या योगदान है.
कौन हैं रैपरिया बालम?
रैपरिया बालम का असली नाम अशोक मांडा विश्नोई है. उनका जन्म साल 1992 में राजस्थान के रायसिंहनगर में हुआ था. बचपन से ही संगीत में रुचि रखने वाले अशोक ने साल 2006 में आगे की पढ़ाई के लिए जयपुर का रुख किया. जयपुर में रहते हुए उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं और अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में काम शुरू किया. साल 2012 में उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज लंदन से जुड़े शिक्षकों के मार्गदर्शन में कीबोर्ड और पियानो की ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्होंने राजस्थानी लोक संगीत को आधुनिक अंदाज के साथ पेश करने के लिए काम किया. रैपरिया बालम की खासियत यह रही कि उन्होंने राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराओं और वीरगाथाओं को आधुनिक संगीत शैली से जोड़ने की कोशिश की.