)
Jalore News: राजस्थान के जालोर के भैंसवाड़ा निवासी अमृत देवासी हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन हो रहा है. धरने के पहले ही दिन मृतक की 50 वर्षीय मां रती देवी और 80 वर्षीय नानी मेथी देवी आमरण भूख हड़ताल पर बैठ गईं. इस प्रदर्शन में पीड़ित परिवार और देवासी समाज के लोग शामिल हैं. प्रदर्शन के दौरान परिवार ने जिला कलेक्टर को गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है.
क्या है मामला पूरा मामला
परिजनों के अनुसार, करीब तीन साल पहले 15 साल के नाबालिग अमृत देवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हो गई थी. नाबालिग का हत्या करने के बाद उसका शव तालाब में फेंक दिया गया था. इस घटना को अंजाम उस वक्त दिया गया जब 3 साल पहले 27 जून 2023 को नाबालिग अमृत देवासी एक बारात में गया था. शाम करीब 7 बजे वह बारात से अचानक गायब हो गया. लापता नाबालिग को काफी ढूंढने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद घटना के दूसरे दिन तालाब में नाबालिग का शव मिला. अब इस घटना को पूरे तीन साल हो गए लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में नाकाम रही.
घटना में लंबा समय बीतने के बावजूद पुलिस अब तक मामले का खुलासा नहीं नहीं होने से परिवार और समाज के लोगों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने बताया कि इससे पहले भी वे तीन बार धरना दे चुके हैं. उस दौरान पुलिस की ओर से जल्द मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया था. हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया है.
मां ने पुलिस पर आरोप लगाया
मृतक की मां रती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार संदिग्ध लोगों को पकड़ती है, लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बना पाती. उन्होंने मामले में पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया. मृतक की मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. धरने के दौरान परिवार ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और अमृत देवासी हत्याकांड का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई. परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक हत्याकांड का खुलासा नहीं होता, तब तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी.