)
Kedar Bai Bhil Murder Case: राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र के बपावर थाना इलाके में स्थित मोईकलां कस्बे में केदार बाई भील की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है. पुलिस पांच आरोपियों को भारी पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर लेकर पहुंची और वहां घटना की तस्दीक करवाई. इस दौरान आरोपियों ने मौके पर केदार बाई भील पर हमला किए जाने की बात बताई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरी सतर्कता बरती.
पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे आरोपी
केदार बाई भील की हत्या के मामले में पुलिस पांच आरोपियों को लेकर घटनास्थल पर पहुंची. यहां आरोपियों से घटना की तस्दीक करवाई गई. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मौके पर महिला पर हमला किए जाने की घटना की पुष्टि की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सतर्कता बरती. कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर और बपावर थाना प्रभारी सुरेश कुमार भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं.
16 अक्टूबर की रात भोपा और भील परिवार के बीच हुआ था झगड़ा
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर की आधी रात के बाद मोईकलां कस्बे में भोपा परिवार और भील परिवार के बीच झगड़ा हुआ था. इस दौरान भील परिवार के करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे. घायलों में केदार बाई भील की हालत गंभीर थी.
उन्हें उपचार के लिए कोटा अस्पताल ले जाया गया, जहां 17 अक्टूबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. महिला की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई.
अंतिम संस्कार से पहले मेगा हाईवे पर लगाया था जाम
केदार बाई भील की मौत के बाद 18 अक्टूबर को अंतिम संस्कार से पहले परिजनों और ग्रामीणों ने मेगा हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया था. प्रदर्शनकारियों ने मामले में हत्या के आरोपियों का जुलूस निकालने और सरकारी जमीन पर बने उनके मकानों को हटाने की मांग रखी थी.
इस दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया. बाद में समझाइश और सहमति के बाद मामला शांत हुआ था.
पुलिस की कार्रवाई पर बनी हुई है नजर
महिला की मौत के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटना की तस्दीक करवाई है. मौके पर आरोपियों ने केदार बाई भील पर हमले की घटना की पुष्टि की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर और बपावर थाना प्रभारी सुरेश कुमार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. मोईकलां में हुए झगड़े, महिला की मौत और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस की यह कार्रवाई मामले की जांच का हिस्सा है.