कोटा के जेके लोन अस्पताल में फिर प्रसूता की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
कोटा जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 26 वर्षीय शबनम बानो की मौत हो गई. बारां निवासी शबनम का 23 अक्टूबर को ऑपरेशन हुआ था. परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया और ड्रिप चढ़ाने के बाद तबीयत बिगड़ गई. .
राजस्थान के कोटा जेके लोन हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 26 वर्षीय प्रसूता शबनम बानो की मौत का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
बारां से कोटा रेफर हुई शबनम
जानकारी के अनुसार, बारां जिले की रहने वाली शबनम बानो को 22 अक्टूबर को डिलीवरी के लिए बारां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद 23 अक्टूबर को कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया.
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ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद शबनम का ब्लड प्रेशर कम हो गया था. उनका आरोप है कि ड्रिप चढ़ाने के बाद शबनम की तबीयत और बिगड़ गई. इसके बाद शनिवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया. शबनम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक छा गया.
परिजनों ने उठाए इलाज पर सवाल
इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान बरती गई प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
शबनम की मौत की असली वजह क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिलीवरी के बाद शबनम की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उनकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही? फिलहाल परिजनों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. मौत के कारणों और संभावित लापरवाही के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और चिकित्सकीय तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा. वहीं, परिजनों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच करेंगे और यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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जेके लोन अस्पताल में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बता दें कि कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल में पहले भी सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की मौत के मामले पहले भी आ चुके हैं. इससे पहले का मामला अगस्त 2026 के है. जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आए थे, जिनमें से कुछ मामलों में अत्यधिक रक्तस्राव (DIC), बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और सांस लेने में तकलीफ कारण बताए गए थे. यह मामले अस्पताल में मातृ स्वास्थ्य और प्रसव के बाद मरीज की निगरानी से जुड़े सवाल खड़े करता है.
Report-Rahul Joshi