कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों से बोले जिला कलक्टर पीयूष समारिया- सपने पूरे नहीं हों तो टूटें नहीं, और मजबूत बनें
कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों का तनाव कम करने और मनोबल बढ़ाने के लिए मोटिवेशनल सेशन आयोजित किया गया. जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने छात्रों से संवाद कर UPSC तैयारी के अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि सपने पूरे न हों तो टूटें नहीं, बल्कि और मजबूत बनें.
कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों का तनाव कम करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मोटिवेशनल सेशन आयोजित किया गया. मंगलवार को कुन्हाड़ी स्थित एलन कोचिंग संस्थान में जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद किया. इस दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और छात्रों की जिज्ञासाओं का जवाब दिया. प्रशिक्षु आईएएस सृष्टि डबास और उत्कर्ष यादव ने भी अपनी तैयारी और छात्र जीवन के अनुभव बताए.
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने पढ़ाई, लक्ष्य और परीक्षा के दबाव से जुड़े सवाल पूछे. सवाल-जवाब के बीच कई बार ऐसा माहौल बना कि पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा. जिला कलक्टर और अन्य अधिकारी भी विद्यार्थियों के साथ हंसते नजर आए. सेशन के बाद अधिकारियों और विद्यार्थियों ने फुलझड़ियां जलाकर दीपावली भी मनाई.
जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे ओवरथिंकिंग से बचें और अपने मन की बात माता-पिता व करीबी दोस्तों के साथ साझा करें. उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के सबसे बड़े शुभचिंतक होते हैं. उनकी अपेक्षाओं को लेकर तनाव लेने के बजाय उनसे खुलकर बात करनी चाहिए. सपने देखें, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर निराश होने के बजाय और मजबूत बनें. परीक्षाएं जीवन का हिस्सा हैं, पूरा जीवन नहीं. इसलिए अपनी तरफ से ईमानदार प्रयास करें और उन चीजों को लेकर ज्यादा न सोचें, जो आपके नियंत्रण में नहीं हैं.
एक छात्रा ने लक्ष्य के मुताबिक पढ़ाई नहीं कर पाने से होने वाले तनाव को लेकर सवाल किया. इस पर कलक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और मजबूत पक्षों को ध्यान में रखते हुए वास्तविक लक्ष्य तय करने चाहिए. पढ़ाई पर फोकस करें और परीक्षा से पहले संभावित अंकों को लेकर चिंता न करें. लगातार पढ़ने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए भी समय निकालें.
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2023 बैच की आईएएस सृष्टि डबास ने यूपीएससी की तैयारी के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पहले प्रयास को ही अपना अंतिम प्रयास मानकर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दी थी. उन्हें पहले प्रयास में सफलता के साथ अच्छी रैंक भी मिली. उन्होंने विद्यार्थियों को एकाग्र होकर पढ़ाई करने, सोशल मीडिया से होने वाले भटकाव से बचने और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देने की सलाह दी. साथ ही पढ़ाई के अलावा सहशैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की बात भी कही.
प्रशिक्षु आईएएस उत्कर्ष यादव ने कोटा में कोचिंग, आईआईटी में प्रवेश और यूपीएससी की तैयारी के अपने अनुभव बताए. उन्होंने कहा कि कोचिंग के दौरान आने वाली चुनौतियां विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करती हैं. इनसे घबराने के बजाय गलतियों से सीखना चाहिए और अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करना चाहिए. पढ़ाई से जुड़ी शंकाओं के समाधान के लिए फैकल्टी और करीबी दोस्तों के साथ विषयों पर चर्चा करना भी जरूरी है.