Jodhpur News: लोहावट क्षेत्र की पूनियों की ढाणी में बोरवेल में गिरे मासूम भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है. कल दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रातभर चलता रहा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को बाहर निकालने में सफलता नहीं मिल सकी. पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास कर रही हैं.
रातभर मौके पर डटी रहीं रेस्क्यू टीमें
मासूम को बाहर निकालने के अभियान में 150 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी रातभर तैनात रहे. सभी टीमें आपसी तालमेल के साथ बचाव कार्य में जुटी हैं. जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं. वहीं, पुलिस अधीक्षक आदित्य काकड़े भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
संभागीय आयुक्त केएल स्वामी और पुलिस महानिरीक्षक सत्येंद्र सिंह भी रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार जानकारी ले रहे हैं. एसडीआरएफ के उपाधीक्षक जग्गू राम पूनिया और एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट प्रवीण कुमार अपनी-अपनी टीमों के साथ बचाव कार्य में लगे हुए हैं.
इसके अलावा लोहावट विकास अधिकारी रूपसिंह भाटी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं. पुलिस इंस्पेक्टर जमील खान भी पुलिसकर्मियों के साथ अभियान में सहयोग कर रहे हैं. प्रशासन की निगरानी में सभी संबंधित टीमें बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं.
खेत में नलकूप की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में नलकूप खराब हो गया था. इसकी मरम्मत कराने के लिए बोरिंग मशीन बुलाई गई थी. इसी दौरान बच्चे के पिता मशीन के पास काम कर रहे थे और उनका बेटा भोमाराम भी आसपास मौजूद था. अचानक बच्चा बोरवेल में गिर गया. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर जुटने लगे.
घटना की सूचना मिलने पर मतोड़ा पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. इसके बाद बच्चे को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया गया. बताया जा रहा है कि बोरवेल की कुल गहराई करीब 1050 फीट है. हालांंकि यह साफ नहीं है कि बच्चा कितनी गहराई पर फंसा हुआ है.
प्रशासन की निगरानी में जारी है बचाव अभियान
बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना के बाद से ही प्रशासन और बचाव दल लगातार सक्रिय हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान चला रही हैं. वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार हालात की जानकारी ले रहे हैं, ताकि बचाव कार्य में समन्वय बना रहे.
पूनियों की ढाणी में ग्रामीण मासूम के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए हुए हैं. रातभर चले अभियान के बावजूद अब तक सफलता नहीं मिलने के कारण सभी की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं. फिलहाल प्रशासन और बचाव दल की ओर से बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं.