राजस्थान के उदयपुरवाटी में बवाल: असामाजिक तत्वों ने तोड़ी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा, भड़के ग्रामीण
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खोह गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित होने से ग्रामीणों में आक्रोश है. आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर रातभर धरना चला. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के खोह गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित किए जाने के बाद तनावपूर्ण माहौल बन गया है. घटना से नाराज ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. शनिवार सुबह मामले की जानकारी मिलने के बाद शुरू हुआ विरोध रातभर जारी रहा. ग्रामीणों ने टेंट लगाकर धरना दिया और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
रातभर धरने पर बैठे रहे ग्रामीण
प्रतिमा खंडित होने की घटना के विरोध में ग्रामीणों ने धरना स्थल पर माइक की व्यवस्था कर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी धरना स्थल पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहकर घटनाक्रम की जानकारी ली. वहीं, आदिवासी नेता सुरेश मीणा किशोरपुरा समेत कई ग्रामीणों ने घटना पर नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई.
शुक्रवार रात प्रतिमा को किया गया क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात असामाजिक तत्वों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर उसका सिर अलग कर दिया. शनिवार सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो गांव में आक्रोश फैल गया. खंडित प्रतिमा का हिस्सा सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के गुहाला में मिलने की जानकारी भी सामने आई है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. इनमें उदयपुरवाटी तहसीलदार जेआर कुड़ी, नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह तथा उदयपुरवाटी और गुढ़ा थाने की पुलिस के साथ पचलंगी चौकी का जाब्ता शामिल रहा. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया. हालांकि, प्रदर्शनकारी तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे.
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है. इसके अलावा पुलिस अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है. मामले में नीमकाथाना और खंडेला पुलिस भी आरोपियों की तलाश में जुटी है.
पहले भी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की जा चुकी है. इस वजह से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है. प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई कि चुनाव के दौरान आपसी भाईचारा बिगाड़ने के इरादे से यह घटना की गई हो सकती है. हालांकि, इस आशंका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने साफ किया है कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे. उनकी मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.