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झुंझुनूं में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, 11 KW लाइन से टकराई सड़क बनाने वाली मशीन

झुंझुनूं के छापोली में सड़क निर्माण के दौरान 11 हजार केवी की बिजली लाइन से मशीन टकरा गई. करंट की चपेट में आने से पहले 5 मजदूरों की मौके पर मौत हुई, जबकि 3 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. हादसे में कुल 8 मजदूरों की जान चली गई. अभी भी 5 मजदूर अस्पताल में भर्ती है. जिनमें 3 महिला मजदूर हैं.

Reported By Sandeep Kedia Written By Ansh Raj
Published: Nov 02, 2026, 12:09 PM IST | Updated: Nov 02, 2026, 02:23 PM IST
Image Credit: Rajasthan News
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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए करंट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. हादसे में शुरुआत में 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे. अब इलाज के दौरान तीनों घायल मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया. इस तरह हादसे में कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, छापोली गांव में कदमकुंड की ओर जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण का काम चल रहा था. इसी दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हजार केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई. मशीन के बिजली लाइन से टकराते ही उसमें करंट फैल गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.

PM मोदी ने छापोली हादसे पर जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की मदद

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली में हुए हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 5 लोग घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके तहत मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.

 

 

 

पहले 5 मजदूरों की मौके पर मौत, अब 3 ने भी तोड़ा दम
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद 8 मजदूर करंट की चपेट में आकर झुलस गए थे. इनमें से 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए थे. तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अब इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई. इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है. बताया जा रहा है कि मशीन में करंट आने के बाद कुछ मजदूरों ने अपने साथियों को बचाने की कोशिश भी की थी. इस दौरान वे भी करंट की चपेट में आ गए. अभी भी 5 मजदूरों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुरू कराया था सड़क निर्माण
बताया जा रहा है कि गांव में लंबे समय से सड़क टूटी हुई थी. सड़क की खराब हालत को देखते हुए ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर सड़क बनवाने का फैसला किया था. इसी के तहत कदमकुंड जाने वाले रास्ते पर निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान यह हादसा हो गया.

वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति हो रहा था काम
 जिस जगह सड़क निर्माण का काम चल रहा था, वो वन विभाग की जमीन है. यहां ग्रामीण बिना अनुमति के सड़क बनवा रहे थे. ये इलाका उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली में आता है. हादसे के बाद सड़क निर्माण की अनुमति और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

CM भजनलाल शर्मा ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों की मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनूं जिले में करंट लगने से हुई मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया है. सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर घटना की जानकारी ली. साथ ही घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने हादसे के कारणों की विस्तार से जानकारी भी ली. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी.

 

भगवानाराम सैनी, विधायक  
"यह हादसा दुखद है. मेरी पूरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही मैं इस बारे में कुछ कह पाऊंगा."

हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री  
सड़क का निर्माण जनसहयोग और भामाशाहों की मदद से कराया जा रहा था. इसी दौरान मशीन 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गई, जिससे करंट फैल गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे पहली प्राथमिकता करंट से झुलसे लोगों को इलाज उपलब्ध कराना है. अजमेर से तकनीकी निदेशक को भी मौके पर भेजा गया है. जांच में अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

क्या है कदम कुंड ?
झुंझुनूं का कदम कुंड (कदम्ब कुंड) धार्मिक और प्राकृतिक स्थल हैं. जो दक्षिण-पूर्व दिशा में उदयपुरवाटी से छापोली जाने वाले रास्ते पर करीब 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां रोड टूटी हुई थी और इसी का निर्माण ग्रामीण अपने स्तर पर करा रहे थे. इस दौरान हादसा हुआ.

वन भूमि पर ग्रामीण चंदे से बनवा रहे थे सड़क, सीमेंट मिक्सर का पाइप 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराया
झुंझुनूं. जिले के छापोली गांव में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया. सड़क निर्माण के दौरान सीमेंट मिक्सर मशीन का लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से टकरा गया. इससे मशीन में करंट प्रवाहित हो गया और वहां काम कर रहे मजदूर करंट की चपेट में आ गए. हादसे में 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को उदयपुरवाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है.

जानकारी के अनुसार छापोली के कुंड के पास सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था. बताया जा रहा है कि वन भूमि होने के कारण यहां सड़क निर्माण की अनुमति नहीं थी. इसके बावजूद ग्रामीण आपसी सहयोग और चंदा एकत्रित कर सड़क बनवा रहे थे. इसी दौरान सीमेंट मिक्सर मशीन के ऊपर लगा लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से टकरा गया. अचानक मशीन में करंट आने से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए.

 

 

 

 

 

 

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, पुलिस अधीक्षक कवेंद्र सिंह सागर और पूर्व मंत्री राजेंद्र गुड़ा मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायलों के उपचार की जानकारी ली. मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया भी जारी है.

हादसे में जिन लोगों की जान गयी, उनके नाम 

मंडावरा निवासी

1. हरिराम पुत्र शंकरलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष
2. मंगलचंद पुत्र गिरधारीलाल गुर्जर, उम्र 22 वर्ष
3. कालूराम पुत्र भिखाराम गुर्जर, उम्र 29 वर्ष
4. पवन पुत्र जगदीश गुर्जर, उम्र 23 वर्ष

छापोली निवासी
5. सुरेंद्र उर्फ सुरेश पुत्र महावीर सैनी, उम्र 30 वर्ष
6. मुकेश पुत्र शंकर सैनी, उम्र 27 वर्ष
7. फतेहचंद पुत्र जगदीश सैनी, उम्र 32 वर्ष
8. विष्णु पुत्र नाथूराम सैनी, उम्र 38 वर्ष (ठेकेदार)

घायल मजदूरों की सूची

1. गीता पत्नी मदनलाल मेघवाल, उम्र 45 वर्ष, निवासी छापोली
2. संतरा पत्नी सतीश, उम्र 35 वर्ष, निवासी छापोली
3. मंजू पत्नी राजेश मेघवाल, उम्र 38 वर्ष, निवासी छापोली
4. महेंद्र पुत्र बनवारीलाल सैनी, उम्र 27 वर्ष, निवासी छापोली
5. गीगाराम पुत्र धनाराम सैनी, उम्र 48 वर्ष, निवासी छापोली

राजेंद्र सिंह गुढ़ा, पूर्व विधायक, उदयपुरवाटी ने कहा... इन परिवारों के लोगों को एक-एक नौकरी दी जाए, तभी इनके आंसू पोंछे जा सकते हैं. बाकी लोग तो चले जाएंगे, लेकिन इन परिवारों का क्या होगा? यह कोई नेतागिरी करने का मुद्दा नहीं है. यहां पीड़ित परिवारों के साथ न्याय करने और उनके पुनर्वास की बात होनी चाहिए.

यह भी देखना चाहिए कि बिजली की लाइन और मशीन की ऊंचाई लगभग बराबर ही थी. ऐसे में शासन और कलेक्टर को यहां आना चाहिए. कलेक्टर को मौके पर पहुंचकर इन परिवारों को आश्वस्त करना चाहिए और उनके लिए जरूरी व्यवस्था करनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो यह किसी तरह की संवेदनशीलता नहीं होगी.

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About the Author

संदीप केडिया झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे के निवासी और वरिष्ठ पत्रकार हैं. वे पिछले करीब 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा वर्ष 2015 से Zee Media से जुड़े हुए हैं. उन्होंने VMOU Kota से बीजेएमसी और एमजेएमसी की पढ़ाई की है. संदीप केडिया को झुंझुनूं जिले की पत्रकारिता के मजबूत और भरोसेमंद नामों में गिना जाता है. राजस्थान सरकार के अधिस्वीकृत पत्रकारों की सूची में 2013 से शामिल संदीप केडिया को प्रिंट और सोशल मीडिया का भी अच्छा खासा अनुभव है.
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