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राजस्थान के झालावाड़ में नाबालिग बालिकाओं से देह व्यापार कराने के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने भवानीमंडी थाना क्षेत्र की चिह्नित बस्तियों में कार्रवाई कर 6 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू कराया है. इस मामले में पीड़ित बालिकाओं के परिवारजन, पड़ोसी और रिश्तेदारों सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार, 2 अन्य लोगों को भी डिटेन किया गया है. जांच में 5 बालिकाओं के साथ बार-बार यौन शोषण किए जाने के साक्ष्य मिले हैं. वहीं, 2 बालिकाएं यौन संचारित रोग (STD) से पीड़ित पाई गई हैं.
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मुताबिक, 7 अक्टूबर को पुलिस कार्यालय में एक गोपनीय शिकायत मिली थी. इसमें बताया गया था कि भवानीमंडी क्षेत्र की बाछड़ा समुदाय की बस्तियों में कुछ परिवार अपनी ही नाबालिग बेटियों को देह व्यापार में धकेल रहे हैं. ग्राहकों से मिलने वाली रकम परिजन और दलाल आपस में बांटते थे. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक आयुष श्रोत्रिय के नेतृत्व में विशेष जांच दल बनाया गया.
पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन चलाकर स्पाई कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों के वीडियो और डिजिटल साक्ष्य जुटाए. इसके बाद 3 नवंबर 2026 को 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने चिह्नित स्थानों पर एक साथ दबिश दी. इस कार्रवाई में 6 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. टीम में सादा कपड़ों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं.
पुलिस के अनुसार, डिकॉय ऑपरेशन के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो में रेस्क्यू की गई 3 बालिकाएं दिखाई दीं. वीडियो में परिजनों और दलालों की ओर से ग्राहकों से 10 से 20 मिनट के अनैतिक कृत्य के बदले रकम मांगने और अन्य कम उम्र की बच्चियों को ग्राहकों के सामने पेश करने के दृश्य रिकॉर्ड हुए.
मेडिकल परीक्षण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 6 में से 5 बालिकाओं के साथ बार-बार देह शोषण किए जाने की पुष्टि हुई है. एक बालिका के मामले में जांच जारी है. वहीं, 2 बालिकाएं STD से पीड़ित मिलीं. उनका विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार और टीकाकरण शुरू कराया गया है.
पुलिस ने हीरा बाई (34), धापू बाई (35), रोड़ी बाई (32), छानमल (48) और पप्पू (22) को गिरफ्तार किया है. आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. बालिकाओं का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया. समिति के आदेश पर सभी को बालिका गृह भेजा गया है. मामले में पॉक्सो एक्ट और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज है. पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के नेतृत्व में SIT बनाई है. अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की जांच जारी है.