जैसलमेर में अकाल जैसे हालात: सीएम ने खोले खजाने के द्वार, 1 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा
राजस्थान के जैसलमेर में बारिश की कमी से पानी और पशु चारे का संकट गहराने लगा है. विधायक छोटू सिंह भाटी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये की घोषणा की है. जल्द चारा शिविर और टैंकरों से मुफ्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी.
राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में बारिश के अभाव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में अकाल जैसे हालात बनने लगे हैं. गांवों में पीने के पानी की कमी बढ़ रही है, वहीं पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारा और पानी जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि इंसानों के साथ पशुओं को भी पानी की तलाश में दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है. ग्रामीण कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से राहत की मांग कर चुके हैं. इस बीच जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने जिले के लिए मुख्यमंत्री की ओर से एक करोड़ रुपये की राशि घोषित किए जाने की जानकारी दी है. उन्होंने जल्द पशु चारा शिविर शुरू करने और टैंकरों से निःशुल्क पानी पहुंचाने की बात कही है.
बारिश की कमी से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
रेगिस्तानी क्षेत्र जैसलमेर में पर्याप्त बारिश नहीं होने का असर ग्रामीण जनजीवन पर दिखाई देने लगा है. पानी की कमी के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी तरफ पशुपालकों के लिए अपने मवेशियों की प्यास बुझाने और उनके खाने का इंतजाम करना चुनौती बन गया है. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो पशुधन को बचाना मुश्किल हो सकता है. पानी और चारे की कमी के कारण उनकी चिंता लगातार बढ़ रही है.
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पानी के टैंकर और चारा शिविर खोलने की मांग
ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने मांग रखी है. उनका कहना है कि प्रभावित गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. जहां पानी की उपलब्धता कम है, वहां टैंकरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पानी पहुंचाया जाए.
इसके साथ ही पशुओं के लिए जल्द चारा शिविर खोलने की मांग भी की जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि राहत व्यवस्था में देरी होने से पशुपालकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. अब लोगों को प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार है.
विधायक बोले- जल्द शुरू होंगे पशु चारा शिविर
जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने बताया कि जिले में अकाल जैसे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये की राशि की घोषणा की है. उनके अनुसार, जल्द ही जिले में पशु चारा शिविर शुरू किए जाएंगे, जिससे संकट का सामना कर रहे पशुपालकों को राहत मिल सकेगी.
विधायक ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को देखते हुए पानी के टैंकरों के जरिए निःशुल्क पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे पानी की कमी से परेशान ग्रामीणों और पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.
पूर्व मंत्री साले मोहम्मद ने सरकार पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मंत्री साले मोहम्मद ने जैसलमेर में बने हालात को लेकर सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले में पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है.
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साले मोहम्मद के मुताबिक, उनकी सरकार के कार्यकाल में इस समय तक विभिन्न स्थानों पर चारा शिविर शुरू कर दिए जाते थे. उन्होंने यह भी कहा कि अकाल की स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती जिले के लिए विशेष पैकेज दिया गया था. उन्होंने मौजूदा हालात में सरकार से पशुओं के चारे और पानी की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की.
राहत उपायों के धरातल पर उतरने का इंतजार
जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में पानी और चारे की कमी अब गंभीर चिंता का विषय बन रही है. एक ओर ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पशुपालक अपने मवेशियों के लिए राहत चाहते हैं.
ऐसे में घोषित राशि, प्रस्तावित चारा शिविरों और टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था को जल्द लागू करना महत्वपूर्ण होगा. ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदमों पर टिकी हैं, ताकि लोगों के साथ बेजुबान पशुओं को भी इस संकट से राहत मिल सके.