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Jaipur Zepto Raid : 10 मिनट में राशन, लेकिन आता कहां से है ? जयपुर ज़ेप्टो रेड ने खड़े किए डार्क स्टोर्स पर बड़े सवाल

Jaipur Zepto Raid : जयपुर के जगतपुरा में ज़ेप्टो के डार्क स्टोर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी गंदगी मिलने पर 1,500 से ज्यादा डेयरी उत्पाद और एक्सपायरी सामान नष्ट किया गया. ये घटना 10 मिनट की क्विक-कॉमर्स डिलीवरी में हाइजीन और फूड सेफ्टी मानकों की अनदेखी दिखाने के लिए काफी है.

Jaipur Zepto Raid : 10 मिनट में राशन, लेकिन आता कहां से है ? जयपुर ज़ेप्टो रेड ने खड़े किए डार्क स्टोर्स पर बड़े सवाल
Image Credit: Jaipur Zepto Raid

Jaipur Zepto Raid : आजकल हम सब 10 मिनट में घर बैठे राशन मंगाने के आदी हो चुके हैं. ऐप पर ऑर्डर किया और कुछ ही मिनटों में सामान दरवाज़े पर आ जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी जल्दी ये सामान पैक होकर कहां से आता है ? हाल ही में राजस्थान सरकार के 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत जयपुर के एक 'डार्क स्टोर' पर हुई छापेमारी में जो सच सामने आया वो कई सवाल खड़े कर रहा है.

जयपुर रेड में क्या मिला ?
जयपुर के जगतपुरा (रामनगरिया विस्तार) ज़ेप्टो के एक डार्क स्टोर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया. इस स्टोर से रोज़ाना करीब 500 ऑर्डर डिलीवर होते थे. सरकारी टीम को वहां जो मिला,वो परेशान करने वाला है.

  • कोल्ड रूम और डीप फ्रीजर का तापमान 6 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच था, जो सुरक्षित मानकों से बहुत ज़्यादा है. इस वजह से स्टोर में रखे, सरस और अमूल के दूध, दही और छाछ के करीब 1550 पैकेट मौके पर ही नष्ट करवाने पड़े.
  • डार्क स्टोर्स में 100 किलो डैमेज सामान मिला, जिस पर 'नॉट फॉर सेल' का कोई टैग नहीं था. इसके अलावा 7 किलो एक्सपायरी सामान (मूसली, कैंडी और भुजिया) भी रखा था, जिसे तुरंत नष्ट किया गया.
  • डार्क स्टोर्स में दीवारों पर पान मसाला और जर्दा थूकने के निशान मिले. सामान रखने वाले लोहे के रैक टूटे, गंदे और जंग लगे हुए पाए गए.
  • टीम ने जांच के लिए पिंटोला पीनट बटर और शहद के सैंपल लेकर राज्य केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं.

डार्क स्टोर क्या होता है ?
डार्क स्टोर एक तरह का मिनी-गोदाम (वेयरहाउस) होता है, जो शहर के बीचों-बीच रिहायशी इलाकों के आस-पास बनाया जाता है ताकि 10 से 15 मिनट में डिलीवरी की जा सके. इसे 'डार्क' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह आम ग्राहकों के लिए नहीं खुलता. आप यहां जाकर खुद खरीदारी नहीं कर सकते. यहां सिर्फ डिलीवरी पार्टनर्स आते हैं और ऐप पर आए ऑर्डर को पैक करके ले जाते हैं. 

फूड सेफ्टी के नियम क्या हैं ? ऑनलाइन डिलीवरी हो या सामान्य दुकान, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कुछ सख्त नियम हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है.

  • डेयरी उत्पाद, फ्रोज़न फूड और जल्दी खराब होने वाले सामान को निर्धारित ठंडे तापमान पर रखना ज़रूरी है ताकि उनमें खतरनाक बैक्टीरिया न पनपें.
  • स्टोरेज की जगह पूरी तरह साफ होनी चाहिए. वहां जाले, सीलन, जंग लगे रैक या थूकने जैसी गंदगी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए.
  • एक्सपायर या खराब हो चुके सामान को बेचने वाले अच्छे सामान से बिल्कुल अलग रखना होता है और उस पर साफ साफ 'नॉट फॉर सेल' का टैग लगाना जरूरी है.

कंज्यूमर को क्या चेक करना चाहिए ? एप्स से आपको मिल रही  सुविधा अपनी जगह है, लेकिन सेहत के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए. एक जागरूक ग्राहक बनना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें 
तापमान महसूस करें- दूध, दही, पनीर या फ्रोज़न सामान लेते ही चेक करें कि वो ठंडा है या नहीं. अगर पैकेट गर्म लग रहा है, तो उसे इस्तेमाल न करें.
पैकेजिंग पर नज़र- हमेशा चेक करें कि पैकेट कहीं से फूला हुआ, खुला हुआ या डैमेज तो नहीं है. फूला हुआ पैकेट अंदर गैस और बैक्टीरिया होने का संकेत है.
एक्सपायरी डेट- 10 मिनट में आए सामान पर आंख मूंदकर भरोसा ना करें. इस्तेमाल करने से पहले उसकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट ज़रूर पढ़ें.
उसी वक्त रिपोर्ट करें- अगर सामान की क्वालिटी, रंग या महक में कुछ भी अजीब लगे, तो उसे खाने के बजाय तुरंत ऐप के कस्टमर सपोर्ट पर उसकी शिकायत करें और रिफंड या रिप्लेसमेंट मांगें.

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Pragati Pant Awasthi

Pragati Pant Awasthi

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
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