लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की खबर: अब घर के पास ही होगी इन 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस!
Jaipur News: कृषि और निर्माण क्षेत्र से जुड़े 28 श्रेणी के वाहनों की फिटनेस अब राजस्थान के RTO-DTO कार्यालयों में हो सकेगी. केंद्र के नए आदेश से ट्रैक्टर, क्रेन, एक्सकेवेटर, ई-रिक्शा समेत कई वाहनों को राहत मिली है.
Jaipur News: कृषि और निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहनों और उपकरणों की फिटनेस को लेकर पिछले 6 महीने से अधिक समय से चल रही परेशानी अब दूर हो गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे वाहनों की फिटनेस के लिए आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों को अधिकृत कर दिया है. अब 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस परिवहन विभाग के कार्यालयों में हो सकेगी.
केंद्रीय मंत्रालय ने जारी किया आदेश
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. मंत्रालय के अवर सचिव की ओर से जारी आदेश में कृषि क्षेत्र से जुड़े वाहन और उपकरण तथा निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहन और उपकरणों को फिटनेस के लिए राहत दी गई है.
इसके अलावा दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर वाहनों की फिटनेस को लेकर भी आदेश में छूट दी गई है. अब इन वाहनों की फिटनेस परिवहन विभाग के कार्यालयों में परिवहन निरीक्षकों के निरीक्षण के आधार पर की जा सकेगी.
एटीएस को लेकर आ रही थी परेशानी
दरअसल, अभी तक सभी तरह के हल्के और भारी वाहनों की फिटनेस केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों यानी एटीएस पर किए जाने का प्रावधान था. राजस्थान में वर्तमान में 51 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन संचालित हैं.
लेकिन इन एटीएस पर कृषि वाहनों, निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहनों और दुपहिया-इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर वाहनों की फिटनेस करने का प्रावधान नहीं था. इसके चलते इन वाहनों के मालिकों को एटीएस केंद्रों और परिवहन विभाग के कार्यालयों के बीच चक्कर लगाने पड़ रहे थे.
इस समस्या को कई राज्यों ने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था. इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस परिवहन कार्यालयों में करने की अनुमति दी है.
इन 28 श्रेणियों के वाहनों को मिली राहत
अब 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में हो सकेगी. इनमें फॉर्क लिफ्ट, रिग लगे भारी वाहन, क्रेन माउंटेड व्हीकल, कृषि ट्रैक्टर, पॉवर टिलर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल शामिल हैं. इसके अलावा रोड रोलर, एक्सकेवेटर, बुलडोजर, हार्वेस्टर, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, कमर्शियल पॉवर टिलर, डम्पर और कमर्शियल एक्सकेवेटर की फिटनेस भी परिवहन कार्यालयों में की जा सकेगी.
निजी उपयोग के ट्रेलर, कृषि उपयोग के ट्रेलर, व्यक्तिगत उपयोग के ट्रेलर, ई-कार्ट और ई-रिक्शा भी इस राहत में शामिल हैं. वहीं कमर्शियल ट्रैक्टर, पुलर ट्रैक्टर, ट्रेलर, ऑक्जिलरी ट्रेलर, कमर्शियल ट्रेलर, कमर्शियल ट्रैक्टर ट्रॉली, कमर्शियल सेमी ट्रेलर और मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर की फिटनेस भी आरटीओ में हो सकेगी.
परिवहन निरीक्षक मैन्युअली कर सकेंगे फिटनेस
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन वाहनों की फिटनेस परिवहन निरीक्षक मैन्युअली कर सकेंगे. दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के मामले में पहले जारी किए गए आदेशों के तहत आने वाले वाहन भी नए आदेश में शामिल होंगे.
इसका मतलब है कि इन सभी श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस अब परिवहन निरीक्षकों के निरीक्षण के आधार पर जारी की जा सकेगी. इससे उन वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें फिटनेस के लिए एटीएस और परिवहन कार्यालयों के बीच परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
2019 तक परिवहन कार्यालयों में होती थी फिटनेस
आपको बता दें कि वर्ष 2019 तक सभी तरह के वाहनों की फिटनेस मैन्युअल तरीके से परिवहन कार्यालयों में ही की जाती थी. वर्ष 2018 में फिजा पॉलिसी 2018 लाई गई थी. इसके बाद वाहनों की फिटनेस का कार्य निजी फिटनेस केंद्रों पर होने लगा था.
अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नए आदेश के बाद 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस का काम दोबारा परिवहन विभाग के कार्यालयों में पूरा हो सकेगा. इससे कृषि और निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहन मालिकों के साथ दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर वाहन मालिकों को भी फिटनेस प्रक्रिया में राहत मिलेगी.