जयपुर में पंचायत चुनाव की वोटिंग ने चौंकाया: युवाओं से 19.42% आगे बुजुर्ग, महिलाओं ने भी मारी बाजी
गांव की सरकार चुनने के लिए जयपुर जिले के पहले चरण में 8 पंचायत समितियों के 146 वार्डो और 22 जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के आंकड़ों ने लोकतंत्र की दिलचस्प तस्वीर दिखाई है. 18 से 25 साल के महज 57 फीसदी युवाओं ने वोट डाला, तो 60 साल से ऊपर के करीब 77 फीसदी बुजुर्ग मतदान केंद्र पहुंचे. देखिए आंकड़ों की जुबानी गांव के जनादेश की दिलचस्प कहानी.
गांव की सरकार चुनने में युवा मतदाताओं से ज्यादा बुजुर्गों ने दम दिखाया. जबकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने लोकतंत्र के उत्सव में अधिक भागीदारी निभाई. जयपुर जिले में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के मतदान आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह दिलचस्प तस्वीर सामने आई है. जिले की आठ पंचायत समितियों के 146 वार्डों और जिला परिषद के 22 वार्डों के लिए हुए चुनाव में 18 से 25 साल के महज 57.39 प्रतिशत युवाओं ने वोट डाले, जबकि 60 साल और इससे अधिक उम्र के 76.81 प्रतिशत बुजुर्ग मतदान केंद्रों तक पहुंचे. यानी मतदान प्रतिशत के मामले में बुजुर्ग युवाओं से 19.42 प्रतिशत अंक आगे रहे. महिलाओं ने भी मतदान में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया. जिला परिषद के 22 में से 16 वार्डों और आठ में से छह पंचायत समितियों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक रहा. जिले में महिलाओं का कुल मतदान प्रतिशत 69.26 रहा, जबकि पुरुषों का 67.36 प्रतिशत दर्ज हुआ. यानी आधी आबादी ने पुरुषों से 1.90 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान किया. पहले चरण में जिले के 7 लाख 43 हजार 640 मतदाताओं में से 5 लाख 7 हजार 763 ने पंचायत समिति सदस्य चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल किया. कुल 68.28 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ. खास बात यह रही कि जिले के 797 मतदान केंद्रों में एक भी बूथ पर मतदान का बहिष्कार नहीं हुआ. हालांकि 13 मतदान केंद्र ऐसे रहे, जहां आधे से भी कम मतदाताओं ने वोट डाले. वहीं 16 बूथों पर 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ.
बुजुर्गों में रहा मतदान का उत्साह
-युवाओं से ज्यादा बुजुर्गों में मतदान का उत्साह, 60 साल से ऊपर 76.81% वोटिंग.
-18 से 25 साल के मतदाताओं का मतदान प्रतिशत महज 57.39 रहा.
-बुजुर्गों ने मतदान प्रतिशत में युवाओं को काफी पीछे छोड़ दिया.
-जबकि 60 साल और उससे अधिक उम्र के 76.81 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले.
-बुजुर्गों और युवा मतदाताओं के मतदान में 19.42 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर रहा.
उम्र के हिसाब से मतदान प्रतिशत
महिला मतदाता पुरुषों से रहीं आगे
-महिला मतदाताओं ने 8 में से छह पंचायत समितियों में पुरुषों को पछाड़ा.
-किशनगढ़ रेनवाल में महिला मतदान 66.34 प्रतिशत रहा, -जबकि पुरुष मतदान केवल 59.64 प्रतिशत दर्ज हुआ.
-महिलाओं ने पुरुषों से 6.70 प्रतिशत अंक अधिक मतदान -गोविंदगढ़ में भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से 3.89 प्रतिशत अंक ज्यादा रही.
झोटवाड़ा और मौजमाबाद में पुरुषों का मतदान प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा
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झोटवाड़ा के वोटरों में सबसे ज्यादा जोश, किशनगढ़ रेनवाल सबसे पीछे
कुछ और तथ्य
-वोटर आईडी से ज्यादा दूसरे दस्तावेजों से वोटिंग, 62.22% ने इस्तेमाल किए वैकल्पिक पहचान पत्र
-पंचायत समिति सदस्य चुनाव में कुल 5,07,763 मतदाताओं में से केवल 1,91,826 ने EPIC यानी मतदाता फोटो पहचान पत्र का इस्तेमाल किया.
-इसके मुकाबले 3,15,937 मतदाताओं ने अन्य मान्य पहचान दस्तावेजों के जरिए मतदान किया.
797 में से 16 मतदान केंद्रों पर 85 प्रतिशत से ज्यादा वोट
दिव्यांग मतदाताओं का जज्बा, सांभर में सबसे ज्यादा भागीदारी
-111 दृष्टिबाधित और 613 चलने-फिरने संबंधी दिव्यांग मतदाताओं ने मतदान किया.
-जिले में 67 दृष्टिबाधित मतदाताओं ने सहयोगी की मदद से मतदान किया.
-जबकि 44 ने बिना सहयोगी के वोट डाले.
-चलने-फिरने संबंधी दिव्यांग मतदाताओं में 266 ने सहयोगी की मदद ली.
-जबकि 347 ने बिना सहयोगी के मतदान किया.
जिला परिषद सदस्य चुनाव के 22 वार्डों में मतदान प्रतिशत की तस्वीर भी अलग रही
-कुल महिलाओं का मतदान प्रतिशत 69.26 रहा, जबकि पुरुषों का 67.36 प्रतिशत.
-जयपुर जिला परिषद के 22 में से 16 वार्डों में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा.
-महिला और पुरुष मतदान के अंतर में वार्ड संख्या 19 सबसे आगे रहा.
-वार्ड संख्या 19 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से 6.67 प्रतिशत अंक और वार्ड संख्या 8 में 6.66 प्रतिशत अंक ज्यादा रहा.
-वार्ड संख्या 9 में भी महिलाएं 6.07 प्रतिशत अंक आगे रहीं.
-वार्ड-2 में भी महिला मतदान पुरुषों से 5.15 प्रतिशत अंक अधिक रहा.
-वार्ड संख्या 5, 16, 17, 21, 25 और 26 में पुरुषों का मतदान प्रतिशत महिलाओं से अधिक रहा.
-जिला परिषद के वार्ड संख्या 17 में सबसे ज्यादा 75.26 प्रतिशत वोट पड़े.
-जिला परिषद के वार्ड संख्या 8 में सबसे कम 61.95 प्रतिशत मतदान हुआ.
बहरहाल, पंचायत चुनाव के पहले चरण के आंकड़ों से तीन बड़े संकेत सामने आए हैं. पहला, महिलाओं की मतदान भागीदारी मजबूत रही. दूसरा, 60 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं का मतदान प्रतिशत युवाओं से काफी अधिक रहा. तीसरा, एक भी बूथ पर मतदान बहिष्कार दर्ज नहीं हुआ. सबसे बड़ा सवाल युवा मतदाताओं की भागीदारी का है. जिले के 18 से 25 साल के करीब 43 प्रतिशत मतदाता मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचे. दूसरी ओर 60 साल और अधिक उम्र के लगभग हर चार में से तीन मतदाताओं ने वोट डाला. ऐसे में चुनावी भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों में युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत इन आंकड़ों से सामने आती है.