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Jaipur Nikay Chuanav 2026 : साल 2009 में जब जयपुर में मेयर का चुनाव सीधे हुआ था, यानि की जनता ने अपना मेयर चुना था. उस वक्त कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल मेयर बनी थी. लेकिन इस चुनाव सीधे ना होकर अप्रत्यक्ष होगा यानि की सीधे जनता नहीं बल्कि चुने गये पार्षद अपना मेयर चुनेंगे. ऐसे में इस बार का जयपुर नगर निगम का चुनाव बेहद दिलचस्प रहेगा.
जयपुर में निकाय चुनाव इस बार बेहद अलग राजनीतिक समीकरण का गवाह बन रहा है. पहले कांग्रेस की मेयर रहीं ज्योति खंडेलवाल अब बीजेपी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं. अगर वो ये चुनाव जीतती हैं तो बीजेपी का बोर्ड बनने पर मेयर पद की रेस में भी वो होंगी और अगर रेस जीत जाती हैं तो राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा करने वाली अकेली मेयर बन जाएंगी.
दरअसल साल 2009 में राजस्थान की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नगर निगमों में मेयर पद के लिए सीथे चुनाव का फैसला किया था. जयपुर की जनता ने सीधे वोटिंग की और मेयर चुन लिया गया. लेकिन मेयर भले ही कांग्रेस का बना लेकिन बोर्ड बीजेपी का था, ऐसे में 5 साल तक प्रशासनिक स्तर पर अजीब स्थिति दिखी. मेयर और बोर्ड के बीच टकराव बना रहा. लेकिन इस बार बोर्ड किसका बनेगा कौन मेयर होगा, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.
इस बीच जयपुर निकाय चुनाव में इस बार नामांकन के आखिरी दिन बहुत से बदलाव दिखे, जैसे बीजेपी ने वार्ड 76 में आखिरी वक्त में अपना अधिकृत प्रत्याशी कुलदीप मिश्रा को बदलकर पुनीत कर्नावट को सिंबल दे दिया. वहीं वार्ड 103 में कांग्रेस के पूर्व पार्षद अजरूद्दीन, टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में आ गये. वार्ड 149 में टिकट नहीं मिलने पर अंजलि गौतम भावुक हो गया और टिकट वितरण पर सवाल उठाए.
इतना ही नहीं वार्ड 142 भी खूब चर्चा बटोर गया जहां कांग्रेस के पूर्व राज्यमंत्री दीपक डंडोरिया की मां मीना डंडोरिया को प्रत्याशी बनाया गया. वहीं बीजेपी ने पहले मंजू महावर का नाम पहले दिया लेकिन बाद में भगवती देवी को प्रत्याशी बना दिया. ये ही नहीं वार्ड 87 में सीएम के ओएसडी आनंद शर्मा की पत्नी प्रतिभा शर्मा को टिकट मिला, और खुद पूर्व मेयर रह चुकी ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से मैदान में हैं.