App

बहरोड़ का 14 करोड़ का घोटाला: PHED के अफसर पर गिरी गाज, फर्म को किया ब्लैकलिस्ट

PHED के बहरोड़ डिवीजन में 2016 के करीब ₹14 करोड़ के कथित घोटाले में सरकार ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार यादव को APO किया है. ACB में 17A का प्रकरण विचाराधीन होने के चलते यह कार्रवाई हुई. मामले में करीब ₹5.14 करोड़ का बिना काम किए भुगतान और पाइप के लिए करोड़ों के एडवांस भुगतान का आरोप है. संबंधित डीम कंस्ट्रक्शन फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है और मामले में अन्य इंजीनियरों पर भी कार्रवाई की संभावना बताई जा रही है.

बहरोड़ का 14 करोड़ का घोटाला: PHED के अफसर पर गिरी गाज, फर्म को किया ब्लैकलिस्ट
Image Credit: बहरोड़ का 14 करोड़ का घोटाला

Jaipur News: PHED में 14 करोड के घोटाले में सरकार ने बडा एक्शन लिया है. 10 साल पुराने तत्कालीन बहरोड़ अधिशाषी अभियन्ता अशोक कुमार यादव को एपीओ किया है. ACB में 17A के प्रकरण विचाराधीन के चलते एपीओं किया है.  

धरातल पर पाइप नहीं,7 करोड का एडवांस पेमेंट
जल महकमे ने 10 बाद बाद बहरोड़ के करोडों के घोटाले की याद आई. साल 2016 में हुए 14 करोड़ के घोटाले में तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता अशोक कुमार यादव को एपीओ किया. एपीओं में कारण बताया गया कि ACB में 17A के प्रकरण विचाराधीन है. 

अगर सरकार मंजूरी देती है तो 17A के तहत एसीबी प्रकरण की जांच करेगी. बहरोड़ डिवीजन में NCRPB वित्त योजना में मैसर्स डीम कंस्ट्रक्शन फर्म को 24 करोड़ का टेंडर मिला, जिसमे जमकर फर्जीवाड़ा देखने को मिला. 

14.25 लाख का फर्जी भुगतान
इंजीनियर्स ने मैसर्स डीन कंस्ट्रक्शन फर्म को 14.25 लाख का फर्जी भुगतान कर दिया. फर्म को 6-7 करोड़ के पाइप का एडवांस भुगतान किया, जबकि धरातल पर कोई पाइप थे ही नहीं. अगर एसीबी जांच की मंजूरी मिली तो डीम कंस्ट्रक्शन फर्म की मुश्किले भी बढेगी. इस मामले में तत्कालीन एक्सईएन धमेंद्र सोनी निलंबित हो चुके. बताया जा रहा है कि इस घोटाले में अभी और इंजीनियर्स पर गाज गिर सकती है.

क्या है पूरा मामला? 
जलदाय विभाग ने 2016 को मैसर्स डीम कन्सट्रक्शन कंपनी को 24.04 करोड़ का टेंडर दिया था, जिसका काम 18 महीने में यानि अक्टूबर 2017 तक पूरा होना था लेकिन काम आज तक अधूरा है. फर्म के कार्य के बदले तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता अशोक कुमार ने 14.25 करोड़ का फर्जी भुगतान कर दिया, जिसमे सीधे-सीधे 5.14 करोड़ का बिना काम के भुगतान किया. यानी साइट पर ना पाइप लगे ना टंकी चालू हुई और ठेकेदार को 5.14 करोड़ के बिना कार्य के भुगतान कर दिया.

डीम कंस्ट्रक्शन फर्म हो चुकी ब्लैक लिस्टेड
जलदाय विभाग ने फर्जी बैंक गारंटी देने वाली जयपुर की फर्म मैसर्स डीम कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्ट हो चुकी.विभाग के चीफ इंजीनियर टेक्निकल नीरज माथुर के आदेश पर फर्म की जमा प्रतिभूति राशि 14 लाख जब्त कर ली है. फर्म ने अलवर एनसीआर रीजन के बहरोड क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन डालने और पंप हाउस का 24 करोड़ का टेंडर लेने के लिए फर्जी बैंक गारंटी लगा दी.फर्म को पहले नोटिस दिया गया.इसके बाद सुनवाई की गई. ठेकेदार कंपनी की ओर से दिए गए सभी दावों को खारिज कर दिया गया और बैंक गारंटी को फर्जी पाया गया. 
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Ashish Chauhan

Ashish Chauhan

आशीष चौहान
Read More