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लेडी डॉन की करतूतों से तंग था परिवार: बेटा बोला- जबरन शराब पिलाती थी मां, पति को था अवैध संबंधों का शक

Explainer: जयपुर के मुहाना इलाके में करीब 15 महीने पहले हुई लेडी डॉन मिंटू चौधरी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि मिंटू की हत्या उसके पति लालाराम और बेटे हरिओम ने मिलकर की थी. वारदात के बाद शव को कंबल में लपेटकर सुनसान कुएं में फेंक दिया था. हत्या के करीब दो महीने बाद बेटे ने मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी. फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर ली है.

Reported By Vishnu Prakash Sharma Written By Aman Singh
Published: Sep 24, 2026, 08:17 PM IST | Updated: Sep 24, 2026, 08:32 PM IST
Image Credit: Mintu Chaudhary murder case
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Explainer: राजस्थान के जयपुर शहर के मुहाना इलाके में करीब 15 महीने पुराने लेडी डॉन मिंटू चौधरी के ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. लेडी डॉन मिंटू की हत्या किसी बाहरी शख्स ने नहीं, बल्कि उसके पति और बेटे ने मिलकर की थी. हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर ऑटो से ले जाया गया और सुनसान कुएं में फेंक दिया गया. हैरानी की बात ये है कि हत्या के करीब दो महीने बाद आरोपी बेटे ने थाने में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई, ताकि पुलिस को उनपर शक न हो. मुहाना थाना पुलिस, डीएसटी और साइबर सेल की टीम ने पति और बेटे को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है.

25 मई 2025 को हुई थी हत्या

जयपुर शहर के सांगानेर, मुहाना और श्याम नगर सहित कई थानों में अपराध का पर्याय समझी जाने वाली सीमा चौधरी उर्फ मिंटू का खौफ था. लेडी डॉन के नाम से कुख्यात मिंटू चौधरी के खिलाफ मारपीट, हथियार तस्करी (आर्म्स एक्ट) और अवैध शराब तस्करी सहित दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज थे. मिंटू चौधरी की करीब 15 महीने पहले 25 मई 2025 को हत्या कर दी गई. हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटा गया और रात के अंधेरे में ऑटो से गांव अचरावाला के बाहर एक सुनसान और गहरे कुएं में फेंक दिया गया. इसकी किसी को कानों कान खबर नहीं लगी.

खुद की गैंग चलाती थी मिंटू चौधरी

मिंटू चौधरी खुद की एक अलग गैंग चलाती थी और इलाके में अपना खौफ पैदा करने के लिए माफिया और अपराधियों के संपर्क में रहती थी. उसका रहन-सहन और पहनावा आम महिलाओं जैसा नहीं था. डॉन बनने की सनक के चलते वह लड़कों जैसी हेयरस्टाइल रखती थी, पुरुषों जैसे कपड़े पहनती थी और हथियार लेकर घूमना उसकी आदत में शुमार था. मिंटू की आपराधिक गतिविधियों का असर उसके परिवार पर भी पड़ा.

बेटे ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

इधर आरोपियों ने भी पुलिस से बचने के लिए पूरी कहानी ही बदल दी. हत्या के करीब दो महीने बाद 21 जुलाई 2025 को मृतका के बेटे हरिओम चौधरी ने मुहाना थाने पहुंचकर मां की गुमशुदगी दर्ज कराई. बेटे हरिओम ने पुलिस को बताया कि मिंटू 27 मई से घर नहीं लौटी और उसका मोबाइल भी बंद है. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मिंटू की तलाश शुरू की. इसी दौरान पुलिस को मुखबिर और तकनीकी जांच से चौंकाने वाली सूचना मिली. जांच में सामने आया कि मृतका के पति लालाराम और बेटे हरिओम ने ही उसकी हत्या कर शव कुएं में छिपाया था.

पुलिस ने 42 वर्षीय लालाराम और बेटे 20 वर्षीय हरिओम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो आरोपियों ने वारदात कबूल करते हुए शव को गांव अचरावाला के पास सुनसान कुएं में छिपाने की जानकारी दी. इसके बाद बुधवार 23 सितंबर को आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुएं से मृतका का डिकम्पोज शव बरामद किया.

परिवार और रिश्तेदारों को भी गुमराह करने की कोशिश

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने मीडिया को बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने परिवार और रिश्तेदारों को भी गुमराह करने की कोशिश की. मिंटू की बहन से पूछताछ की तो पहले बताया कि मिंटू तिहाड़ जेल में बंद है. बाद में कहा कि वह भरतपुर जेल में है. जब मृतका की बहन ने जेल प्रशासन से संपर्क किया, तो दोनों जगह उसके बंद होने की बात सामने नहीं आई. इसके बाद आरोपियों ने खुद को निर्दोष दिखाने और गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी.

घृणा और खौफ के चलते मिंटू को रास्ते से हटाया

​पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेटे हरिओम और पति लालाराम के दिल में मिंटू चौधरी के प्रति बेहद घृणा और खौफ भरा हुआ था. आरोपी हरिओम ने बताया कि उसकी मां मिंटू चौधरी उसे बचपन से ही बेल्टों से पीटती थी और प्रताड़ित करती थी. यहां तक कि वह कई बार उसे जबरन शराब भी पिलाया करती थी.

मिंटू, पति लालाराम के साथ भी बेल्टों से मारपीट करती थी. पति लालाराम अपनी पत्नी से बेहद डरता था. उसे हर वक्त यह खौफ सताता रहता था कि मिंटू चौधरी अपने किसी गैंग या साथियों के साथ मिलकर कभी भी उसकी हत्या करवा सकती है. इसके अलावा लालाराम को अपनी पत्नी के आचरण और अवैध संबंधों पर भी गहरा संदेह था. इन्हीं सब कारणों से तंग आकर दोनों बाप-बेटे ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची.

ऐसे की हत्या और शव को लगाया ठिकाने

पुलिस ने बताया कि घटना से ठीक पहले मिंटू चौधरी ने अत्यधिक शराब पी रखी थी और वह नशे में पूरी तरह धुत्त थी. बाप-बेटे ने इसी स्थिति का फायदा उठाने का फैसला किया. नशे में बेसुध पड़ी मिंटू चौधरी पर दोनों ने हमला कर दिया. पति लालाराम ने पत्नी के दोनों पैर कसकर पकड़ लिए, ताकि वह छटपटा न सके. वहीं बेटे हरिओम ने अपने हाथों से मां का गला घोंट दिया. हत्या के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से दोनों ने शव को एक कंबल में लपेटा और देर रात अंधेरे का फायदा उठाते हुए ऑटो रिक्शा में लादकर ले गए. उन्होंने गांव अचरावाला के बाहर स्थित एक गहरे सूखे कुएं में शव को फेंक दिया.

​हत्या के बाद रचा ली थी दूसरी शादी

​जांच में यह बात भी सामने आई कि मिंटू चौधरी की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए थे. वारदात के लगभग 12 से 13 महीने बाद पति लालाराम ने दूसरी शादी कर ली थी. इतना ही नहीं, बेटे हरिओम ने भी शादी कर ली थी. वे मान चुके थे कि उनका राज़ कभी सामने नहीं आएगा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और मुस्तैदी ने इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश कर दिया.

​पुलिस टीम की भूमिका

​इस पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में  मुहाना थानाधिकारी मुकेश खरडिया, DST जयपुर दक्षिण के हेड कांस्टेबल राजेश कुमार, रामसिंह, लोकेश कुमार, अजयपाल, राजवीर सिंह, देवेंद्र कुमार तथा मुहाना थाने के कान सिंह, भंवर लाल व साइबर सेल के जवानों ने विशेष भूमिका निभाई. ​डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 27 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए ऑटो और अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके.

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About the Author

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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