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Jaipur News: जयपुर के कलाम एकेडमी में छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रों में नाराजगी देखने को मिली. बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी कोचिंग सेंटर के बाहर जमा हुए और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को मौके से हटाया और कुछ युवाओं को हिरासत में लिया.
पर्ची को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह घटना 2 अक्टूबर को कलाम एकेडमी के जयपुर सेंटर की क्लासरूम में हुई. विवाद एक चिट या पर्ची को लेकर शुरू हुआ. इस पर्ची पर 'कलाम बलिदान मांगता है' लिखा होने की बात सामने आई है. इसे लेकर शिक्षक प्रवीण दान चारण और छात्र के बीच कहासुनी हुई.
आरोप है कि कहासुनी के बाद शिक्षक ने छात्र के साथ मारपीट की. छात्र को थप्पड़ मारने के साथ लात-घूंसों से पीटने का आरोप लगाया गया है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
कोचिंग प्रबंधन ने शिक्षक को हटाया
वीडियो वायरल होने और मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद कलाम एकेडमी प्रबंधन ने शिक्षक प्रवीण दान चारण के खिलाफ कार्रवाई की. संस्थान की ओर से शिक्षक को तत्काल प्रभाव से कोचिंग से बाहर कर दिया गया है.
कोचिंग के बाहर छात्रों का प्रदर्शन
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी कलाम कोचिंग के बाहर एकत्र हुए. युवा नेता मनोज मीणा की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में छात्रों ने नारेबाजी की और शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस का भारी जाब्ता मौके पर पहुंचा. पुलिस के अनुसार, भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया. इसके बाद मौके पर कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति भी बनी. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे मनोज मीणा सहित कुछ युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया.
छात्र और परिजन पहुंचे थाने
मामले के सामने आने के बाद पीड़ित छात्र और उसके परिजन थाने पहुंचे. पुलिस मामले की कानूनी जांच कर रही है. वहीं, कोचिंग सेंटर और आसपास के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं. साथ ही यह चर्चा भी हो रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों पर मानसिक दबाव और हिंसक व्यवहार को कैसे रोका जाए. कोचिंग संस्थानों के लिए जारी गाइडलाइंस के पालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.