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जयपुर में बैठकर अमेरिका में ठगी: Apple फोन के नाम पर ऐसे लूटते थे बैंक खाते, टेलीग्राम पर शेयर होती थीं डिटेल्स

जयपुर के भांकरोटा में CST ने अमेरिकी नागरिकों को Apple फोन की समस्या दूर करने के नाम पर ठगने वाले कथित इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया. कार्रवाई में 8 युवक और 2 युवतियों समेत 10 लोगों को पकड़ा गया. ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

जयपुर में बैठकर अमेरिका में ठगी: Apple फोन के नाम पर ऐसे लूटते थे बैंक खाते, टेलीग्राम पर शेयर होती थीं डिटेल्स
Image Credit: Apple फोन की समस्या

जयपुर पुलिस ने जयपुर में बैठकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाने वाले इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है. भांकरोटा इलाके में CST की टीम ने एक ऐसे कॉल सेंटर पर दबिश दी, जहां Apple फोन की समस्या दूर करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को जाल में फंसाया जाता था.

बैंक अधिकारी बनकर उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल की जाती और फिर खातों से रकम निकाल ली जाती थी. पुलिस ने आठ युवक और दो युवतियों समेत 10 लोगों को पकड़ा गया है. मौके से 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं. गिरोह का मुख्य सरगना गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है.

अमेरिका में बैठे नागरिक निशाने पर 
जयपुर के भांकरोटा इलाके में साइबर ठगी का ऐसा नेटवर्क चल रहा था, जिसके निशाने पर सात समंदर पार अमेरिका में बैठे नागरिक थे. स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश के निर्देश पर साइबर ठगी के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस कड़ी में CST को मिली सूचना के आधार पर 20 अक्टूबर को एक कॉल सेंटर पर दबिश दी गई.

शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि यहां बैठे लोग अमेरिकी नागरिकों को Apple फोन में तकनीकी दिक्कत आने का झांसा देते थे. फोन की समस्या दूर करने के नाम पर पहले ग्राहकों से संपर्क किया जाता, फिर उन्हें अलग-अलग तरीकों से बातचीत में उलझाकर ठगी के जाल में फंसाया जाता था.

ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने लैपटॉप में X-Lite नाम का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जाता था. इसके जरिए TFN नंबरों से अमेरिकी नागरिकों को कॉल की जाती थी. फोन में दिक्कत दूर करने के नाम पर ग्राहकों को चार्ज बताने के बाद उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल करने का खेल शुरू होता था.

पूछताछ में एक युवती के बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों से बात करने और उनकी गोपनीय बैंकिंग डिटेल हासिल करने की बात सामने आई है. इसके बाद ये जानकारियां टेलीग्राम ग्रुप में साझा की जाती थीं. पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सरगना इन जानकारियों का इस्तेमाल कर खातों से रकम निकालने का काम करता था.

कॉल सेंटर का गुजरात कनेक्शन 
इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना गुजरात का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, वह बार-बार नाम बदलकर साइबर ठगी करता है. अब जांच का अहम पहलू यह है कि इस नेटवर्क के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं, अमेरिकी नागरिकों के खातों से कितनी रकम निकाली गई और ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई.

10 लोग पकड़े, 19 मोबाइल और 12 लैपटॉप बरामद
CST की कार्रवाई में आठ युवक और दो युवतियों सहित कुल 10 लोगों को पकड़ा गया. मौके से 19 मोबाइल फोन, 12 लैपटॉप और भारी मात्रा में लैपटॉप एक्सेसरीज बरामद की गई. पकड़े गए लोगों को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस थाना भांकरोटा के सुपुर्द किया गया है. अब पुलिस की जांच में कॉल सेंटर के संचालन, विदेशी नागरिकों से संपर्क और कथित ठगी की रकम का पूरा नेटवर्क खंगाला जाएगा.

जयपुर में बैठकर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाने वाले इस नेटवर्क ने साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा किया है. हालांकि, ठगी की कुल रकम, पीड़ितों की संख्या और मुख्य सरगना की भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि विस्तृत पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.  

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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