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जयपुर सेंट्रल जेल में बाहर से फेंकी जर्दा-बीड़ी की खेप: सादे कपड़ों में तैनात प्रहरियों ने एक आरोपी को पकड़ा, दूसरा फरार

जयपुर सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित सामग्री फेंकने का मामला सामने आया है. बाइक सवार दो युवकों ने जेल में जर्दे की 10 पुड़िया और बीड़ी के 7 बंडल फेंके. सादे कपड़ों में तैनात जेल प्रहरियों ने घाटगेट निवासी शादाब अहमद को मौके पर पकड़ लिया, जबकि उसका साथी सोहेल उर्फ कालू खां फरार हो गया.

जयपुर सेंट्रल जेल में बाहर से फेंकी जर्दा-बीड़ी की खेप: सादे कपड़ों में तैनात प्रहरियों ने एक आरोपी को पकड़ा, दूसरा फरार
Image Credit: Zee Media

राजस्थान के जयपुर सेंट्रल जेल में बाहर से प्रतिबंधित सामग्री फेंकने का बड़ा खुलासा हुआ है. जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बाइक सवार दो युवकों ने जेल परिसर में जर्दे की पुड़िया और बीड़ी के बंडल फेंके, लेकिन इस बार जेलकर्मी मुस्तैद थे. सादे कपड़ों में तैनात प्रहरियों ने एक आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया. जेल परिसर में फेंकी गई सामग्री को जब्त किया गया है. बाइक भी पुलिस के हवाले की गई है. अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि जेल में बंद किन बंदियों तक ये सामग्री पहुंचाई जानी थी और इस पूरे खेल के पीछे कौन है.

जेल में बाहर से प्रतिबंधित सामग्री फेंकने वालों के खिलाफ जेल प्रशासन ने कार्रवाई की है. दोपहर करीब 1 बजकर 8 मिनट पर बाइक सवार दो युवक जेल परिसर के वार्ड नंबर 10 की तरफ प्रतिबंधित सामग्री फेंकते नजर आए. युवकों ने काली थैली में जर्दे की 10 पुड़िया और बीड़ी के 7 बंडल फेंके, लेकिन इस बार उनकी हरकत जेलकर्मियों की नजरों से बच नहीं सकी.

सादे कपड़ों में तैनात थी टीम

दरअसल, जेल में मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने की घटनाओं के बाद जेल प्रशासन अलर्ट पर था. जेल डीजी अशोक राठौड़ के निर्देश पर जेल अधीक्षक डॉ. अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में निगरानी बढ़ाई गई. जेल उप अधीक्षक विल्सन शर्मा की टीम ने सादे कपड़ों में जेल के आसपास निगरानी शुरू की. इसी सतर्कता के चलते प्रहरियों जसवंत, निरंजन और राजेंद्र ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया.

एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

पकड़े गए आरोपी की पहचान घाटगेट निवासी शादाब अहमद के रूप में हुई है. वहीं उसका साथी रामगंज निवासी सोहेल उर्फ कालू खां मौके से फरार हो गया. जेल प्रशासन ने फेंकी गई सामग्री में से एक खेप जब्त की है. वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है. मामले में नियमानुसार एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है. फरार आरोपी सोहेल की तलाश जारी है.

जेल में बंदियों तक पहुंचानी थी सामग्री

जांच का सबसे अहम पहलू यह हैं कि दोनों आरोपी पहले भी जेल में बंद रह चुके हैं. ऐसे में उन्हें जेल परिसर और आसपास के क्षेत्र की जानकारी होने की आशंका है. पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रतिबंधित सामग्री किस बंदी तक पहुंचाई जानी थी. इसके बदले किसी तरह के लेन-देन की बात हुई थी या नहीं... और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से जेल में सामग्री फेंकी गई थी.

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शादाब के खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जबकि सोहेल उर्फ कालू खां के खिलाफ 18 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं. दोनों के नशे के आदी होने की जानकारी भी सामने आई है. हालांकि, जेल में सामग्री पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा.

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

जयपुर सेंट्रल जेल के आसपास घनी आबादी है. जेल परिसर के नजदीक मकान भी बने हुए हैं. ऐसे में बाहर से मोबाइल, जर्दा, बीड़ी और अन्य प्रतिबंधित सामग्री फेंके जाने की आशंका लंबे समय से बनी हुई थी. जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने के मामलों के बीच अब निगरानी बढ़ाई गई है. इस कार्रवाई में एक आरोपी की गिरफ्तारी और दूसरे के फरार होने से जांच को नई दिशा मिली है. अब देखना होगा कि पूछताछ और जांच में जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क को लेकर क्या खुलासे होते हैं.

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About the Author

Vishnu Prakash Sharma

Vishnu Prakash Sharma

जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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