21 महीने बंद रहेगा अल्बर्ट हॉल: फिर तहखाने में जाएगी 2400 साल पुरानी ममी! 25 करोड़ से संग्रहालय का होगा हाईटेक रेनोवेशन
Jaipur Albert Hall Museum: जयपुर की पहचान और राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा अल्बर्ट हॉल संग्रहालय 21 महीनों के लिए बंद रहेगा. इसके पीछे की वजह है कि अब अल्बर्ट हॉल संग्रहालय नए रंग-रूप में नजर आएगा.
Jaipur Albert Hall Museum: जयपुर की पहचान और राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा अल्बर्ट हॉल संग्रहालय (Museum) 21 महीनों के लिए बंद रहेगा. इसके पीछे की वजह है कि अब अल्बर्ट हॉल संग्रहालय नए रंग-रूप में नजर आएगा. 1887 में बने इस ऐतिहासिक संग्रहालय को आधुनिक तकनीक से लैस करने और इसकी पुरानी धरोहरों के संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू होने जा रहा है. जिसके लिए करीब 25.49 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
नए रंग रूप में दिखाई देगा अल्बर्ट हॉल
जयपुर का ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल अब नए रंग रूप में दिखाई देगा. अल्बर्ट हॉल को अंदर से हाईटेक किया जाएगा. इसके लिए अल्बर्ट हॉल संग्रहालय आम लोगों के लिए 21 महीनों तक बंद रहेगा. पर्यटक लंबे समय तक अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का दीदार नहीं कर पाएंगे. राज्य निर्वाचन आयोग की परमिशन के बाद संग्रहालय की मरम्मत के लिए फर्म को वर्क ऑर्डर दे दिया है.
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की मरम्मत का काम निजी फर्म जल्द ही शुरू करेगी. जिसके बाद संग्रहालय को आम लोगों के लिए बंद किया जाएगा. फिलहाल अल्बर्ट हॉल संग्रहालय अभी पर्यटकों के लिए खुला है. राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लगी हुई है, जिस कारण टेंडर वर्क आर्डर से पहले निर्वाचन आयोग से परमिशन ली गई.
संग्रहालय में होंगे ये बदलाव
1887 में बना अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ डिस्प्ले का रंग रूप बदला जाएगा. सालों से लगे डिस्प्ले पुराने हो गए हैं. जिस कारण अब उनका रंग रूप बदल दिया जाएगा. अल्टर्ब हॉल के मूल इमारत से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी. सबसे खास बात यह है कि करीब 2400 साल पुरानी ममी को फिर से तहखाने में शिफ्ट किया जा सकता है. संग्रहालय में संरक्षण कार्य कराने के लिए 25 करोड़ 49 लाख रुपए का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है, ताकि इसे समय के अनुसार हाईटेक रूप दिया जा सके.
2008 के बाद अब होगा बड़े स्तर पर बदलाव
पुरातत्व विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का रिनोवेशन वर्क साल 2008 में किया गया था. उस समय इस कार्य पर करीब 6 से 7 करोड़ रुपए का खर्चा आया था. अब 18 साल बाद बड़े स्तर पर इसका संरक्षण कार्य किया जाएगा. इसमें सालों पुराने हथियार, हैंडीक्राफ्ट्स के सामान, प्राचीन सिक्के, कारपेट, पियानो, पाषाण प्रतिमाएं, वाद्ययंत्र सहित अन्य सभी वस्तुओं को नए रंग रूप और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए प्रदर्शित किया जाएगा. संरक्षण कार्य पूरा करने की समय-सीमा 21 जून 2028 है.