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जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस बार सर्दियों में रोजाना 72 फ्लाइट संचालित होंगी. एविएशन टरबाइन फ्यूल के वैश्विक संकट के बावजूद फ्लाइट संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. एयरलाइंस के प्रस्तावों पर डीजीसीए ने फ्लाइट्स के फाइनल शेड्यूल को मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट पर 25 अक्टूबर से फ्लाइट्स का नया शेड्यूल लागू होने जा रहा है. विंटर शेड्यूल में फ्लाइट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी होने जा रही है. विंटर शेड्यूल 25 अक्टूबर 2026 से 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा.
शेड्यूल में जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना 144 फ्लाइट्स का संचालन होगा, यानी कुल 72 फ्लाइट्स का डिपार्चर रहेगा. इसके तहत हर सप्ताह 1010 उड़ानों का संचालन प्रस्तावित है. यह संख्या समर शेड्यूल की तुलना में अधिक है. समर शेड्यूल में जयपुर एयरपोर्ट से 811 फ्लाइट्स का प्रस्ताव था. ईरान-अमेरिका युद्ध के हालातों के शुरू से ही वैश्विक स्तर पर एविएशन टरबाइन फ्यूल का संकट बना हुआ है. इस कारण जयपुर एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स की संख्या में कटौती रही है. लेकिन अब सर्दियों में विंटर शेड्यूल में फ्लाइट संख्या बढ़ने की संभावना है.
विंटर शेड्यूल में क्या होंगे प्रमुख बदलाव
- जयपुर से घरेलू फ्लाइट्स की संख्या हर सप्ताह 900 होगी
- यानी रोज औसतन 64 घरेलू फ्लाइट संचालित होंगी
- लखनऊ, नवी मुंबई, नोएडा, पुणे, दिल्ली और मुंबई की फ्लाइट्स बढ़ेंगी
- राज्य के जोधपुर और बीकानेर के लिए नई फ्लाइट शुरू होंगी
- हालांकि इस बार जैसलमेर की फ्लाइट नहीं मिलेगी
- वाराणसी, अमृतसर, धर्मशाला, आगरा, भोपाल की फ्लाइट भी शुरू नहीं होंगी
- 11 अक्टूबर से अकासा एयर ने मुंबई और बेंगलुरु की फ्लाइट्स शुरू की थी
इंटरनेशनल एयर कनेक्टिविटी बढ़ेगी
- अभी 68 फ्लाइट, विंटर में हर सप्ताह 110 फ्लाइट चलेंगी
- यानी रोज औसतन 8 इंटरनेशनल फ्लाइट संचालित होंगी
- बैंकॉक की फ्लाइट अभी बंद, नवंबर में फिर से शुरू होगी
- बैंकॉक की यह फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन होगी संचालित
- दुबई और मस्कट के लिए फ्लाइट्स रोजाना उपलब्ध होंगी
दिल्ली के बाद उत्तर भारत का प्रमुख एयरपोर्ट है जयपुर
जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों का दावा है कि एटीएफ के बढ़ते दामों के बावजूद भी सर्दियों में जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. विंटर शेड्यूल 2026 के दौरान समर शेड्यूल 2026 की तुलना में फ्लाइट संख्या में करीब 7 प्रतिशत वृद्धि होने की उम्मीद है. पिछले विंटर शेड्यूल की तुलना में भी उड़ानों की संख्या अधिक रहने की संभावना है. जयपुर एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन पार्किंग सुविधा और लैंडिंग-टेक ऑफ में किए गए तकनीकी सुधारों के चलते विमानों के संचालन की क्षमता बढ़ी है. इससे जयपुर एयरपोर्ट उत्तर भारत में दिल्ली के बाद एक भरोसेमंद एयरपोर्ट और प्रमुख डायवर्जन हब के रूप में उभरा है. नए शेड्यूल में यात्रियों को प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए हवाई यात्रा के अधिक विकल्प मिल सकेंगे.