20 लाख की लूट, 100 CCTV कैमरे और AI का कमाल: जयपुर पुलिस ने 24 घंटे में दबोचे 3 आरोपी
जयपुर में कलेक्शन एजेंट से 20 लाख रुपए से भरा बैग लूटने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तार किया. 100 से ज्यादा CCTV फुटेज और AI की मदद से आरोपियों की पहचान हुई. पुलिस ने 18.93 लाख रुपए बरामद किए.
जयपुर में कलेक्शन एजेंट से करीब 20 लाख रुपए से भरा बैग लेकर फरार हुए तीन आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों का पता लगाया. बुधवार को वारदात करने वाले फैजान और आदिल के साथ रेकी करने वाले उनके साथी कैफ को भी पकड़ लिया गया. पुलिस ने आरोपियों से 18 लाख 93 हजार रुपए बरामद किए हैं. बाकी रकम उन्होंने खर्च कर दी.
नशे और मौज-मस्ती के लिए की वारदात
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नशे और अपने शौक पूरे करने के लिए लूट की थी. वारदात के बाद तीनों ने रकम आपस में बांट ली थी. रात के समय वे मिलते और अपने-अपने हिस्से के पैसे फिर से बांटकर नशे और मौज-मस्ती पर खर्च करते थे.
व्यापारियों से कलेक्शन करके लौट रहा था एजेंट
सिरोही निवासी चंपालाल (50) जयपुर में एक कपड़ा व्यापारी के यहां कलेक्शन का काम करता है. वह चांदपोल में टिक्की वालों के रास्ते में अपने सेठ के यहां रहता है. कलेक्शन करने के बाद चंपालाल नाहरगढ़ रोड इलाके में रास्ते में रुका था. इसी दौरान मो. फैजान (20) पुत्र मो. असलम निवासी चीनी की बुर्ज, गणगौरी बाजार, हाल किराएदार राणा कॉलोनी, शास्त्री नगर और मो. आदिल (21) पुत्र मो. फिरोज निवासी कल्याण जी का रास्ता, हाल कच्ची बस्ती, भट्टा बस्ती बाइक से नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए. वहीं, इससे पहले कैफ (21) पुत्र मो. सलीम निवासी पेंटर कॉलोनी, शास्त्री नगर, हाल बिलाल मस्जिद के पीछे, भट्टा बस्ती ने कलेक्शन एजेंट का पीछा कर उसकी निगरानी की थी.
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100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि वारदात की सूचना मिलते ही नॉर्थ पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. शहरभर में नाकाबंदी करवाई गई और घटनास्थल के साथ आसपास लगे 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज और स्कूटी से जुड़े सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई.
CCTV में नंबर साफ नहीं दिखा तो AI की मदद ली
पुलिस ने सीकर हाउस के रास्ते पर लगे CCTV कैमरे की फुटेज से वारदात में इस्तेमाल स्कूटी की पहचान की. हालांकि, फुटेज में गाड़ी का नंबर साफ नहीं दिख रहा था. ऐसे में AI की मदद से स्कूटी का नंबर निकाला गया. यह स्कूटी भट्टा बस्ती निवासी आदिल के नाम पर थी. आदिल ने स्कूटी पर अपने नाम के ‘A’ और पत्नी के नाम के ‘K’ को मिलाकर ‘AK 01’ लिखवा रखा था.
पुलिस ने सबसे पहले आदिल की पहचान की. इसके बाद बुधवार रात को ही आदिल और फैजान को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में कैफ को भी पकड़कर गिरफ्तार कर लिया गया.
कलेक्शन एजेंट की पूरी जानकारी रखता था कैफ
पूछताछ में सामने आया कि कैफ को पता था कि कलेक्शन एजेंट किस रास्ते से आता है और कहां-कहां से पैसे इकट्ठा करता है. उसे यह भी जानकारी थी कि कलेक्शन के दौरान चंपालाल के पास बड़ी रकम रहती है. तीनों सीकर हाउस से चंपालाल का पीछा कर रहे थे. आरोपियों को जैसे ही जयलाल मुंशी के रास्ते में मौका मिला, वे बैग लूटकर फरार हो गए.
शुरुआती जांच में पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, तीनों आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. पुलिस ने आरोपियों से 18 लाख 93 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम उनके खर्च करने की बात सामने आई है.