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जयपुर के परकोटे की बिगड़ती हालत पर हाईकोर्ट चिंतित, कहा- हेरिटेज दर्जा बचाने के लिए तुरंत करें कार्रवाई

Pink City Heritage Status: जयपुर के परकोटे के भीतर बिगड़ती स्थिति और बदलते स्वरूप को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. अदालत ने राज्य सरकार को पिंक सिटी का वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

जयपुर के परकोटे की बिगड़ती हालत पर हाईकोर्ट चिंतित, कहा- हेरिटेज दर्जा बचाने के लिए तुरंत करें कार्रवाई
Image Credit: Rajasthan High Court

Jaipur Walled City: जयपुर के परकोटे के भीतर की दयनीय स्थिति और बिगड़ते स्वरूप को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने चिंता जताई है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पिंक सिटी का वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. सीजे संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने पिंक सिटी की वैश्विक पहचान, सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया. अदालत ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है. हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को इस स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने और 26 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए गए हैं.


दिसंबर 2026 से पहले सुधार की जरूरत
पिंक सिटी की वैश्विक पहचान और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा बचाने के मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ पहले ही स्वप्रेरित प्रसंज्ञान ले चुकी है. अदालत ने राज्य सरकार, संबंधित विभागों और अधिकारियों से कार्ययोजना मांगी थी. हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यदि दिसंबर 2026 से पहले पर्याप्त और प्रभावी सुधारात्मक उपाय नहीं किए गए, तो जयपुर के चारदीवारी वाले शहर के यूनेस्को विश्व विरासत स्थल के तौर पर अपनी मान्यता खोने का गंभीर जोखिम है.


अवैध और अनियमित निर्माणों का होगा सर्वे
अदालत ने जेडीए और जयपुर के नगर निगमों को राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों के माध्यम से चारदीवारी वाले शहर को नुकसान पहुंचाने वाले अनधिकृत एवं अनियमित निर्माणों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं. इसकी रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर अदालत में पेश करने को कहा गया है. इसके अलावा संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा. इसमें यह बताना होगा कि जयपुर में हेरिटेज नियमों का पालन किस तरह हो रहा है.


निर्माण अनुमति और पुरानी कार्रवाई का भी मांगा ब्योरा
हाईकोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि निर्माण की अनुमति देने से पहले हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट किया गया या नहीं. साथ ही पिछले पांच वर्षों में अवैध निर्माण के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी अदालत के सामने रखनी होगी.


तत्काल और दीर्घकालीन एक्शन प्लान
अदालत ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल और दीर्घकालीन चरणबद्ध एक्शन प्लान भी मांगा है. इसके साथ ही सोशल ऑडिट जैसी व्यवस्था पर विचार करने के लिए कहा गया है. मामले में अदालत की सहायता के लिए अधिवक्ता संदीप पाठक, युवराज सामंत, मधुसूदन सिंह राजपुरोहित और अनिरुद्ध माथुर को न्यायमित्र नियुक्त किया गया है. अब मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी.

जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग को भारत का पहला UNESCO ग्लोबल जियोपार्क बनाने की दिशा में जन-जागरूकता अभियान शुरू किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय भू-विविधता दिवस के अवसर पर 6 अक्टूबर 2026 को मेहरानगढ़ में जियोहेरिटेज अवेयरनेस प्रोग्राम और हेरिटेज वॉक का आयोजन होगा.

आयोजन समिति के अनुसार, भारत में अभी तक एक भी UNESCO ग्लोबल जियोपार्क नहीं है. ऐसे में मेहरानगढ़ और जोधपुर की समृद्ध भू-विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. कार्यक्रम का उद्देश्य भू-विरासत संरक्षण, शोध, शिक्षा और जियो-टूरिज्म को बढ़ावा देना है. सुबह 6:30 बजे हेरिटेज वॉक होगी, जिसमें छह महत्वपूर्ण स्थलों के जरिए जोधपुर की चट्टानी संरचना, भू-आकृति, पारंपरिक जल स्रोत और स्थापत्य विरासत की जानकारी दी जाएगी.

कार्यक्रम में प्रोफेसर सुरेश चंद्र माथुर, डॉ. शिव सिंह राठौड़, डॉ. महेंद्र सिंह तंवर, कर्नल अजय सिंह शेखावत और जयपुर से डॉ. सौरभ माथुर सहित विशेषज्ञ शामिल होंगे. करीब 250 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है.

 

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About the Author

Ansh Raj

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अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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